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गांवों में समूह गठन कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाने काम कर रही बिहान की कार्यकर्ता अपनी 8 मांगों को लेकर विरोध जताया। शहर के गांधी मैदान में मानदेय, नियमितीकरण समेत 8 मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। एनआरएलएम (बिहान) सीआरपी (सक्रिय महिला) संघ की प्रदेशाध्यक्ष पदमा पाटिल ने कहा पंचायत एवं ग्रामीण विकास के एनआरएलएम बिहान योजना के तहत कार्य करने वाली महिलाओं को उचित मानदेय नहीं मिल रहा है। महंगाई के इस दौर में महज 1910 रुपए मासिक मानदेय मिलता है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में सक्रिय महिला को 6 हजार दिया जाता है, जिसमें केन्द्र का 3 हजार व राज्य का 3 हजार रुपए होता है।
जिलाध्यक्ष कौशिल्या साहू ने कहा कि सरकारी उनके व्यक्तिगत मोबाइल में ऑनलाइन काम कराया जा रहा है। रजिस्टर वर्क के साथ तमाम कार्य एंड्राइड मोबाइल से भी करना पड़ता है। कई महिलाओं के पास एंड्राइड मोबाइल भी नहीं है। मोबाइल का रिचार्ज भी 300 रुपए से 350 रुपए हो चुका है। 1910 रुपए मासिक मानदेय में हम 15 हजार के मोबाइल में 350 रुपए का नेट चार्ज खर्च कर कैसे काम करें। धरना प्रदर्शन में दामिनी, सरिता मरकाम, नीता, मोहनी नेताम, रोशनी साहू, मानबाई निषाद, हेमलता साहू, डिकेश्वरी बाई, अमरीका साहू, रेखा साहू, निर्मला रात्रे, पदमनी यादव, वंदना, पूर्णिमा साहू समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थी।
कार्यकर्ताओं की मांग है कि उनकी मानदेय 1910 रुपए को बढ़ाकर सम्मानजनक दिया जाए। मानदेय न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार दिया जाए।
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