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दुर्ग जिले के पाटन और धमधा ब्लॉक में अवैध लकड़ी कटाई और तस्करी पर वन विभाग की टीम ने कार्रवाई की है। टीम ने गुरुवार रात पाटन क्षेत्र के सुरपा गांव और कुम्हारी क्षेत्र में पांच वाहनों को पकड़ा। इन वाहनों में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कहुआ और अन्य मिश
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दरअसल, टीम को सूचना मिल रही थी कि क्षेत्र में लकड़ी माफिया सक्रिय है और रात के अंधेरे में प्रतिबंधित लकड़ी का अवैध परिवहन किया जा रहा है। ऐसे में गुरुवार देर रात सुरपा गांव के पास चार संदिग्ध वाहन गुजरते हुए देखे गए। जब उन्हें रोका गया। वैध दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाए।
पकड़े गए वाहनों को डिपो में जमा कराया गया
जिसके बाद वाहन CG 04 JC 8048, CG 06 M 0463, CG 07 CA 1055, CG 07 C 7987 को पाटन डिपो में जमा कराया गया है। इसके अलावा CG 04 JD 7725 नंबर की एक गाड़ी को कुम्हारी अहिवारा मार्ग पर पकड़ा गया और उसे कुम्हारी डिपो में रखा गया है।
वाहनों से प्रतिबंधित कहुआ लकड़ी की बरामदगी
सभी वाहनों में मिश्रित प्रजाति की लकड़ी के साथ भारी मात्रा में प्रतिबंधित कहुआ प्रजाति के गोल लट्ठे भी पाए गए, जिनकी अवैध कटाई और परिवहन पर सख्त प्रतिबंध है। इस मामले में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 52 के तहत दस लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
धान कटाई के मौसम में लकड़ी माफिया सक्रिय- उप वनमंडलाधिकारी
उप वनमंडलाधिकारी धनेश कुमार साहू ने बताया कि पाटन क्षेत्र में लगातार शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि माफिया धान कटाई के मौसम का फायदा उठाकर खेतों और जंगलों में सक्रिय हो जाते हैं। पकड़े गए पांचों वाहनों में मिली लकड़ी से यह एक संगठित नेटवर्क होने का संकेत मिलता है।
उन्होंने कहा कि ड्राइवरों और हेल्परों से पूछताछ जारी है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि लकड़ी कहां से काटी गई और किसके लिए ले जाई जा रही थी।
अवैध लकड़ी पर मुआवजा और राजसात की कार्रवाई होगी
वन विभाग का कहना है कि पकड़े गए सभी मामलों में नियमानुसार मुआवजा अधिरोपित किया जाएगा और कब्जे में ली गई लकड़ी को राजसात किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जंगलों की सुरक्षा और अवैध कटाई पर रोक के लिए सघन निरीक्षण और लगातार रात्रि गश्त जारी रहेगी।
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