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बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र स्थित सेरंगदाग बॉक्साइट माइंस में श्रम कानूनों के उल्लंघन और श्रमिकों के शोषण का मामला सामने आया है। खदान का संचालन कर रही बालाजी मार्बल एंड टाइल्स कंपनी पर ये आरोप लगे हैं। खदान में कार्यरत श्रमिकों और सुपरवाइजरों ने क
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शिकायत में श्रमिकों ने बताया कि 22 अक्टूबर 2024 से खदान में 150 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं, लेकिन अब तक किसी भी श्रमिक का ‘ए-फॉर्म’ में पंजीकरण नहीं किया गया है। यह श्रम कानूनों का गंभीर उल्लंघन है। श्रमिकों को अस्थायी रूप से नियुक्त कर लंबे समय से काम लिया जा रहा है, जबकि उन्हें स्थायित्व नहीं दिया जा रहा।
न्यूनतम वेतन, PF-ESI और चिकित्सा सुविधा नहीं
श्रमिकों को न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुरूप मजदूरी नहीं दी जा रही है। इसके अलावा किसी भी श्रमिक को भविष्य निधि (PF), कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) या चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। खदान में सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की जा रही है, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
अमानवीय परिस्थितियों में काम कराने का आरोप
श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें अमानवीय परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। कंपनी अपनी शर्तों पर काम कराने के उद्देश्य से स्थानीय श्रमिकों को हटाकर बाहरी लोगों को नियुक्त कर रही है। श्रमिकों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, सभी श्रमिकों का ‘ए-फॉर्म’ में पंजीकरण, न्यायोचित वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
उच्चस्तरीय जांच और अधिकारों की मांग
उन्होंने दोषी कंपनी प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की भी अपील की है। इस दौरान राहुल गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित थे। राहुल गुप्ता ने बताया कि पूर्व में भी इस संबंध में ज्ञापन सौंपा गया था।
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