छत्तीसगढ़ में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार के साथ-साथ आम लोग भी नवाचार कर रहे हैं। कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखंड के छोटे से गांव मुसुरपुट्टा में एक ऐसी ही प्रेरणादायक पहल सामने आई है।
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यहां के अधिकारी-कर्मचारियों ने बोर्ड परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले छात्रों को हवाई यात्रा का अवसर देकर शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई है, जिससे गांव के परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
इस पहल के तहत, जो भी छात्र या छात्रा 10वीं या 12वीं की परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करता है, उसे हवाई जहाज में उड़ान भरने का मौका दिया जाता है। वहीं, अब अगला लक्ष्य सिंगापुर ले जाने का रखा गया है।

परीक्षा परिणामों में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी
इस अनोखी योजना से पहले, गांव में 60 प्रतिशत अंक लाना भी बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी, लेकिन अब कई छात्र 85, 90 और 95 प्रतिशत तक अंक हासिल कर रहे हैं।
यह पहल साल 2008 में शुरू हुई थी और तब से लेकर अब तक इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। 80 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले बच्चों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है, और परीक्षा परिणामों में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

जिले के लिए बना प्रेरणादायक मॉडल
मुसुरपुट्टा गांव अब पूरे जिले के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन चुका है, जो सामूहिक प्रयासों से बदलाव की मिसाल पेश कर रहा है। हवाई यात्रा का अनुभव कर चुके तोषन कुमार साहू ने बताया कि 10वीं में 92 प्रतिशत अंक लाने पर उन्हें भुवनेश्वर की हवाई यात्रा का मौका मिला।
अब उनका लक्ष्य 12वीं में 99 प्रतिशत अंक लाकर प्रदेश में टॉप करना है, ताकि वे ग्रामीणों के साथ सिंगापुर की यात्रा पर जा सकें, जैसा कि ग्रामीणों ने शर्त रखी है।
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