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भिलाई के सेमिनार में किया गया माइंडवॉश, बड़ी रकम अटकी तो ठगी का पता लगा
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शेयर मार्केट में निवेश पर तगड़े मुनाफे का झांसा देकर कारोबारी से साइबर अपराधियों ने 5 करोड़ रुपए की ठगी कर ली। टिकरापारा पुलिस के मुताबिक रायपुरा निवासी अनवर मोहम्मद ने शिकायत में बताया कि 1 जनवरी को सोशल मीडिया पर ए स्क्वायर ग्लोबल कंसलटेंसी कंपनी का वीडियो देखा। उसमें दिए नंबर पर कंपनी के मालिक अरुद्ध दलवी से संपर्क हुआ।
फरवरी में भिलाई के होटल अमित पार्क इंटरनेशनल में सेमिनार में उससे मुलाकात हुई। दलवी का दावा था कि वह आईसीआईसीआई बैंक कर्नाटक में फंड मैनेजर रह चुका है। अभी वह 6000 करोड़ का फंड मैनेज कर रहा है। उसने डीमैट खाते में 100 करोड़ की इक्विटी दिखाई। लाइव ट्रेडिंग का डेमो दिया। उसने कहा कि निवेश पर रोज 2% कमीशन और 100 दिन में दोगुना पैसा मिलेगा।
इस लालच में आकर अनवर ने 5.4 लाख रुपए जमा किए। शुरू में 30 हजार कमीशन मिला। तब परिचित व्यास कश्यप ने 9.84 लाख समेत अन्य लोगों के साथ 5 करोड़ रुपए निवेश कर दिए। जब 100 दिन बाद पैसे मांगे, तो दलवी बहाने बनाने लगा। फोन उठाना बंद कर दिया। तब अनवर पुलिस के पास आया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच साइबर थाना रेंज को सौंप दी है।
भास्कर एक्सपर्ट – मुकेश चौधरी, साइबर क्राइम, एक्सपर्ट के साथ प्रमोद साहू की रिपोर्ट
ठगी में नकली प्लेटफॉर्म इस्तेमाल हाेता है
देश में स्टॉक मार्केट और क्रिप्टोकरंसी के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले दो-तीन सालों में निवेशकों को फंसाने के नए-नए तरीके सामने आए हैं। ठग निवेशकों को ऊंचे मुनाफे का लालच देकर जाल में फंसाते हैं। ठगी का तरीका लगभग एक जैसा होता है। सबसे पहले निवेशकों को किसी मोबाइल एप, वेबसाइट या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खाता खुलवाया जाता है।
यह प्लेटफॉर्म नकली होता है, जहां निवेशक का पैसा सीधे ठगों के खाते में चला जाता है। इसके बाद वेबसाइट या एप पर फर्जी ग्रोथ दिखाई जाती है। जैसे 10 लाख का 20 लाख, 20 लाख का 40 लाख होता हुआ दिखाया जाता है। नकली मुनाफे के लालच में आकर निवेशक और बड़ी रकम लगा देते हैं। कई लोग तो जमीन-जायदाद बेचकर भी निवेश कर बैठते हैं।
ठग अक्सर पीड़ितों को किसी प्रीमियम ग्रुप में शामिल करते हैं, जहां नकली सदस्य लगातार मुनाफे की कहानियां शेयर करते हैं। ताकि नया शिकार भरोसा कर ले। जब निवेशक पैसा निकालने की कोशिश करता है, तो टैक्स या सर्विस चार्ज के नाम पर 30 से 40 प्रतिशत अतिरिक्त रकम मांगी जाती है। तब निवेशक को अहसास होता है कि वह ठगी का शिकार हो चुका है।
तीन तरह के लोगों से ठगी जिन्हें शेयर मार्केट की जानकारी नहीं है। {जिन्हें जानकारी है, लेकिन प्रीमियम सर्विस या एक्सक्लूसिव ऑफर के लालच में आ जाते हैं। {जो शॉर्टकट से जल्दी पैसा कमाना चाहते हैं।
इससे कैसे बचें:
अनजाने कॉल, मैसेज या वाट्सएप ग्रुप से सावधान रहें। {केवल सेबी-मान्यता प्राप्त प्लेटफॉर्म पर निवेश करें। {निवेश से पहले बुनियादी जानकारी हासिल करें। {शेयर बाजार में कोई निश्चित मुनाफे का दावा नहीं कर सकता।
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