कोरबा जिले के कुदुरमाल गांव की बस्ती में एक 6 फीट लंबा नाग निकला है। जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर कुदुरमाल गांव में ग्रामीण गली में बैठे थे, तभी उन्होंने एक बड़े नाग को अपनी ओर आते देखा। जिससे वहां मौजूद लोगों में हड़कंप की स्थिति बन गई।
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ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए किसी तरह वहां बाल्टी रख दी। जिससे सांप बाल्टी ने अंदर चला गया। उसके बाद रेस्क्यू टीम को सूचना दी गई। स्नैक कैचर की टीम ने बाल्टी से निकालकर सांप को डिब्बे में रखा फिर जंगल में सुरक्षित छोड़ा।

किसी तरह सांप बाल्टी में चला गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
ग्रामीण की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से टला
वन्यजीव रेस्क्यू टीम के सदस्य जितेंद्र सारथी ने अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर नाग का सफल रेस्क्यू किया। गांव के हरिशंकर पटेल ने सूझबूझ दिखाते हुए एक बाल्टी नाग के पास रख दी थी, जिसमें नाग घुसकर कुंडली मारकर बैठ गया। इसके बाद बाल्टी को ढक दिया गया।
पहले बाल्टी से बाहर निकाला फिर रेस्क्यू किया
हरिशंकर पटेल ने तुरंत वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम के प्रमुख सदस्य जितेंद्र सारथी को इसकी सूचना दी। सारथी ने कुछ देर में पहुंचने की बात कही। कुछ घंटों बाद जितेंद्र सारथी अपनी टीम, जिसमें राजू बर्मन, बबलू मारवा और शुभम शामिल थे, उनके साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने बड़ी सावधानी से बाल्टी के अंदर से 6 फीट लंबे नाग को बाहर निकाला और सुरक्षित डिब्बे में रखा।
बच्चे खेल रहे थे तभी सांप निकला था
ग्रामीण हरिशंकर पटेल ने बताया कि गांव की बस्ती में बच्चे खेल रहे थे, तभी अचानक सांप नजर आया। समय रहते उस पर नजर पड़ गई, अन्यथा वह किसी को डस सकता था।
सांप को बचाने के उद्देश्य से उसे मारा नहीं गया, बल्कि बाल्टी में बैठाकर स्नेक कैचर टीम को सूचना दी गई।
सर्पदंश की घटना पर झाड़-फूंक ना करने की अपील
जितेंद्र सारथी ने बताया कि उनकी टीम लगातार जन जागरूकता अभियान चला रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर देखा जाता है कि सर्पदंश के बाद लोग अस्पताल जाने के बजाय झाड़-फूंक के चक्कर में अपनी जान गंवा देते हैं।
उन्होंने लोगों से ऐसी किसी भी घटना पर तत्काल अस्पताल जाने की अपील की, ताकि समय रहते जान बचाई जा सके।
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