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छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक किसान के खेत के कुएं में तेंदुआ गिर गया। इस दौरान वह पाइप के सहारे निकलने की कोशिश करता रहा। इस दौरान वन विभाग ने बिना ट्रेंकुलाइज किए खाट की मदद से उसे बाहर निकाला, लेकिन बाहर आते ही तेदुंए ने छलांग लगा दी। वहां मौजूद लोगों और गांव में अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार के बीच तालाब किनारे खड़े कई ग्रामीण जान बचाने के लिए पानी में कूद गए। इसके बाद तेंदुआ धान के खेत में छिप गया और शाम करीब 5 बजे बालोद-धमतरी मुख्य मार्ग के पास देखा गया। मामला बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम जगतरा का है। वन विभाग और प्रशासनिक टीम अब आसपास के 20 गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क कर रही है। ग्राम जगतरा और आसपास के क्षेत्रों में धारा 163 लागू कर दी गई है। इस दौरान भीड़ लगाने, फोटो-वीडियो बनाने और जंगल में जाने पर रोक लगाई गई है। पहले देखिए ये तस्वीरें- अब जानिए पूरा मामला जानकारी के अनुसार, बालोद जिले के ग्राम जगतरा में पानी की तलाश में गांव पहुंचा तेंदुआ कुएं में गिर गया। तेंदुआ घंटों तक कुएं के भीतर मोटर पाइप के सहारे लटका रहा। इस घटना की जानकारी गांव के लोगों को उस वक्त पता चली जब शुक्रवार सुबह करीब 6.30 बजे किसान राम कुमार ठाकुर अपनी बाड़ी में सब्जियों को पानी देने पहुंचे थे। इसी दौरान किसान को कुएं से पानी में हलचल और फड़फड़ाने की आवाज सुनाई दी। किसान ने जब झांककर देखा तो उन्हें कुएं में तेंदुआ नजर आया। इसके बाद गांव के कोतवाल और सरपंच को सूचना दी गई। जेसीबी और खाट के सहारे निकाला गया तेंदुआ सुबह 8 बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और 9 बजे रेस्क्यू शुरू किया गया। करीब 12.10 बजे जेसीबी में खाट बांधकर उसे कुएं में उतारा गया। तेंदुआ खाट पर चढ़ा और बाहर आते ही छलांग लगाकर रिहायशी इलाके की ओर भाग निकला। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग घबरा गए। चीख-पुकार के बीच तालाब किनारे खड़े कई ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए पानी में कूद गए। इसके बाद तेंदुआ धान के खेत में छिप गया और शाम करीब 5 बजे बालोद-धमतरी मुख्य मार्ग पार कर गजरु राम साहू का खेत के धान के खेत में जाकर छिपा हुआ देखा गया। बिना ट्रेंकुलाइज किए रेस्क्यू पर उठे सवाल घटना के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए को ट्रेंकुलाइज किए बिना कुएं से बाहर निकालना बड़ी लापरवाही थी। पहले उसे बेहोश किया जाता, तो गांव में दहशत की स्थिति नहीं बनती। तेंदुए के अचानक रिहायशी इलाके में पहुंचने से महिलाएं और बच्चे डरे हुए हैं। पानी की तलाश में गांव तक पहुंचा था तेंदुआ वन विभाग के अनुसार तेंदुआ करीब तीन साल का है। बालोद जिले के गुरुर, बालोद और डौंडी ब्लॉक के चट्टानी इलाकों में तेंदुओं की मौजूदगी पहले भी देखी जाती रही है। गुरुर क्षेत्र के कंकालिन और भेजा, डौंडी के मर्रामखेड़ा, बेलौदा और मलगांव, जबकि बालोद क्षेत्र के करकाभाट शक्कर कारखाना इलाके के भोलापठार की पहाड़ियों में तेंदुए अक्सर नजर आते हैं। माना जा रहा है कि पानी की तलाश में यह तेंदुआ जगतरा गांव तक पहुंच गया था। इन गांवों में अलर्ट जारी जगतरा से लगे देवारभाट, पाकुरभाट, गस्तीटोला, अंधियाटोला, सेमरकोना, धरमपुरा, करहीभदर, सांकरा, जमरुआ, झलमला, जामगांव बी, हथौद, नर्रा, बरही, नारागांव, तालगांव, परसोदा, पर्रेगुड़ा, अंगारी और मटिया बी समेत अन्य गांवों में मुनादी कराई गई है। लोगों से रात में अकेले बाहर नहीं निकलने और पालतू जानवरों को खुले में नहीं छोड़ने की अपील की गई है। ………………………………. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें.… हाथी ने उठाकर पटका, फिर कुचलकर मार डाला…VIDEO:ग्रामीणों ने पत्थर फेंके तो पलटकर दौड़ाया, कोरबा के जंगल में 50 हाथियों का डेरा छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के करतला परिक्षेत्र में हाथियों का आतंक जारी है। बुधवार रात एक हाथी ने मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को कुचलकर मार डाला। वहीं एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में ग्रामीण हाथियों के झुंड पर पत्थर फेंकते हुए दिख रहे हैं। इससे गुस्साए हाथियों ने पलटकर ग्रामीणों को दौड़ा लिया। पढ़ें पूरी खबर…
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