नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने आईपीएल सीजन के दौरान संचालित हो रहे बड़े ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (एसीसीयू) की टीम ने 72 घंटे तक लगातार ऑपरेशन चलाकर कोलकाता, गुरुग्राम, श्रीनगर, गोवा और छत्तीसगढ़ के कई जिलों तक फैले ऑनलाइन सट्टा गिरोह के पांच बड़े पैनल नेटवर्क ध्वस्त किए हैं। कार्रवाई में कुल 26 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 17 लाख 92 हजार 70 रुपये नकद, 59 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप और एक चारपहिया वाहन समेत लगभग 50 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव कुमार शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले के निर्देश पर डीसीपी क्राइम एंड साइबर स्मृतिक राजनाला की मॉनिटरिंग में यह अभियान चलाया गया।
कोलकाता में बैठकर चल रहा था नेटवर्क
थाना तेलीबांधा के मामले में पहले नमन जग्गी, आयुष जैन और अंकित अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में पता चला कि गिरोह का नेटवर्क कोलकाता से संचालित हो रहा है। इसके बाद पुलिस ने कोलकाता में दबिश देकर प्रदीप पटेल, निसान हटिया, राहुल शुक्ला, दीपेश डलवानी, लखन थावरानी, आकाश सिंह राजपूत उर्फ छोटू, लिखेश्वर साहू और सुबोध राम को गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कि पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालन रायगढ़-खरसिया निवासी अमन नत्थानी कर रहा था। वह रायपुर निवासी राम लालवानी, नमन जग्गी, आयुष जैन और अंकित अग्रवाल के साथ पार्टनरशिप में ऑनलाइन सट्टा पैनल चला रहा था। पुलिस ने अमन नत्थानी और राम लालवानी को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों से 35 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, 74 एटीएम कार्ड, 36 पासबुक, 15 चेकबुक और आठ लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं।
गुरुग्राम में संचालित हो रहा था दूसरा पैनल
न्यू राजेंद्र नगर थाना प्रकरण में पहले सौरभ मुकीम, करण पिंजानी उर्फ किट्टू, शेख आसिफ और इमाम अहमद को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में पता चला कि इनके साथी हरियाणा के गुरुग्राम में बैठकर ऑनलाइन पैनल चला रहे हैं। पुलिस ने गुरुग्राम में रेड मारकर भैरव कुमार, राजीव कुमार, सिकंदर यादव, रविंद्र कुमार और गुरदेव सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपितों से 14 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, 17 एटीएम कार्ड, 10 पासबुक, पांच चेकबुक, 45 हजार 220 रुपये नकद और एक चारपहिया वाहन जब्त किया गया। पुलिस के अनुसार यह गिरोह फर्जी बैंक खातों और पेमेंट गेटवे के जरिए लेनदेन कर रहा था।

तिल्दा में नसीब बुक से चल रहा था सट्टा
तिल्दा नेवरा क्षेत्र में “नसीब बुक” नामक ऑनलाइन सट्टा पैनल संचालित होने की सूचना पर पुलिस ने राहुल फतनानी, गौतम पंजवानी और किशन उर्फ सोनू हिंदुजा को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि पैनल का संचालन तिल्दा निवासी सोनू फतनानी कर रहा था, जबकि स्थानीय कलेक्शन का काम राहुल फतनानी संभाल रहा था। पुलिस ने आरोपितों से नौ लाख 92 हजार 700 रुपये नकद और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
श्रीनगर और गोवा से जुड़े तार
एसीसीयू टीम को सूचना मिली थी कि अमित जंघेल श्रीनगर में रहकर अपने भाई के माध्यम से गोवा में ऑनलाइन सट्टा पैनल संचालित कर रहा है। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अमित जंघेल, मुकेश जंघेल, अजय साहू उर्फ मोंटू और रवि डेंगवानी को गिरफ्तार किया। आरोपितों से सात मोबाइल फोन और नकदी जब्त की गई है।

पुलिस के अनुसार अमित जंघेल के खिलाफ पहले भी ऑनलाइन सट्टा संचालन का मामला दर्ज हो चुका है। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह आईडी बांटने, लोकल कलेक्शन और पेमेंट ट्रांसफर के लिए अलग-अलग एजेंट नियुक्त करता था।
पेमेंट गेटवे तक पहुंची जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े पेमेंट गेटवे और डिजिटल ट्रांजेक्शन चैन तक पहुंचकर कार्रवाई की गई है। जांच में सामने आया है कि कई गिरोह अलग-अलग राज्यों में बैठकर एक ही नेटवर्क के तहत पैनल संचालित कर रहे थे।

कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद वर्ष 2026 में अब तक एसीसीयू टीम ऑनलाइन सट्टा के 18 प्रकरणों में 100 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस दौरान 85 लाख रुपये से अधिक नकद, 281 मोबाइल फोन, 25 लैपटॉप, 11 चारपहिया और चार दोपहिया वाहन समेत चार करोड़ 29 लाख रुपये से अधिक का मशरूका जब्त किया जा चुका है।
पुलिस ने क्या कहा
पुलिस का कहना है कि सभी आरोपितों की चल और अचल संपत्तियों को चिन्हित कर अटैचमेंट की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पूरे नेटवर्क की आर्थिक जांच कर हवाला और अन्य वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है।
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