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रायपुर रेलवे मंडल ने यात्रियों की सुरक्षित, सुविधाजनक और भरोसेमंद यात्रा सुनिश्चित करने के लिए इस साल कई बड़े अभियान चलाए। इनमें मिशन रेल सुरक्षा, ऑपरेशन नारकोस, ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते, मिशन जीवन रक्षक, मेरी सहेली पहल जैसे विशेष ऑपरेशन शामिल रहे।
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मिशन के तहत नवंबर महीने तक करीब 45 बच्चों का रेस्क्यू किया गया, 21 हजार से अधिक महिलाओं की मदद की गई, 125 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 60 लाख से ज्यादा का गांजा अब तक जब्त किया गया है।
ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते के बच्चों का किया गया रेस्क्यू
रेलवे ने ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते के तहत 45 लावारिस और घुमंतू बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। ऑपरेशन मातृ शक्ति में 4 गर्भवती महिला यात्रियों को विशेष सहायता दी गई। मेरी सहेली पहल के तहत रायपुर, भाटापारा और दुर्ग स्टेशनों पर 21,705 अकेली महिला यात्रियों की मदद की गई।
मिशन रेल सुरक्षा में 125 आरोपी गिरफ्तार
नवंबर 2025 तक मिशन रेल सुरक्षा के तहत रेलवे संपत्ति अवैध कब्जा अधिनियम में 61 मामले दर्ज है। इनमें 125 अपराधी गिरफ्तार हो गए है। वहीं, 3,37,238 रुपए की रेलवे संपत्ति बरामद की गई है।
रेलवे अधिनियम के तहत
- 19,131 मामलों में कार्रवाई
- 19,100 अपराधियों पर जुर्माना
- रेलवे न्यायालय ने 30,13,575 रुपए की वसूली की।
चोरी और अन्य अपराध
- मिशन यात्री सुरक्षा में 139 आरोपियों की गिरफ्तारी
- 7,08,236 रुपए की बरामदगी
ऑपरेशन नारकोस: 59.75 लाख का गांजा जब्त
मादक पदार्थों पर रोक लगाने के लिए चलाए गए ऑपरेशन नारकोस में
- 28 आरोपी गिरफ्तार
- 280 किलो गांजा जब्त
- बरामदगी की कीमत 59.75 लाख रुपए
345 यात्रियों को खोया सामान लौटा
ऑपरेशन अमानत के दौरान
- 345 यात्रियों को उनका खोया सामान लौटाया गया
- सामान की कुल कीमत 63,95,762 रुपए
वहीं मिशन जीवन रक्षक के तहत 4 यात्रियों के जीवन की रक्षा की गई।
53 टिकट दलाल गिरफ्तार
ऑपरेशन उपलब्ध में
- 48 मामले दर्ज हुए
- 53 टिकट दलालों की गिरफ्तारी
- 1,006 टिकट जब्त
- टिकटों की कुल कीमत 19,53,054 रुपए
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