Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » 40 साल चला 100 रुपये की रिश्वत का मामला, Chhattisgarh HC ने पलट दिया फैसला
Breaking News

40 साल चला 100 रुपये की रिश्वत का मामला, Chhattisgarh HC ने पलट दिया फैसला

By adminOctober 4, 2025No Comments2 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
19 09 2025 cg court verdict 2025919 163350
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email


छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 100 रुपये रिश्वत लेने के मामले में 40 साल बाद आरोपी को दोषमुक्त कर दिया है। हाई कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा दिए गए 1 साल के कारावास और 1000 हजार रुपये अर्थ डंड के फैसले पलट दिया है। मामले में कर्मचारी को रंगे हाथों पकड़ा गया था।

Publish Date: Fri, 19 Sep 2025 04:30:22 PM (IST)

Updated Date: Fri, 19 Sep 2025 04:34:33 PM (IST)

40 साल चला 100 रुपये की रिश्वत का मामला, Chhattisgarh HC ने पलट दिया फैसला
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 40 साल पुराने मामले में फैसला दिया

HighLights

  1. बिल भुगतान के लिए 100 रुपये रिश्वत मांगने का था आरोप
  2. निचली अदालत के एक वर्ष सजा व अर्थदंड को किया निरस्त
  3. आरोप था कि अवधिया ने बिल के लिए 100 रुपये की रिश्वत मांगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: साल 1986 में लंबित बिल भुगतान के लिए 100 रुपये रिश्वत लेने के आरोपित एमपीएसआरटीसी रायपुर के वित्त विभाग के बिल सहायक को हाई कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया है। निचली अदालत द्वारा सुनाई गई एक वर्ष की सजा और अर्थदंड को न्यायालय ने निरस्त कर दिया है।

यह है मामला

शिकायतकर्ता अशोक कुमार वर्मा ने वर्ष 1981 से 1985 के दौरान सेवाकालीन बकाया बिल भुगतान के लिए वित्त विभाग के बिल सहायक रामेश्वर प्रसाद अवधिया से संपर्क किया था। आरोप था कि अवधिया ने बिल पारित करने के लिए 100 रुपये की रिश्वत मांगी। इस पर शिकायत लोकायुक्त के पास दर्ज कराई गई।

लोकायुक्त की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई और शिकायतकर्ता को 50-50 रुपये के रासायनिक लगे नोट देकर भेजा। कार्रवाई के दौरान टीम ने अवधिया को रंगे हाथों पकड़कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया और न्यायालय में चालान पेश किया।

निचली अदालत ने यह दिया फैसला

दिसंबर 2004 में निचली अदालत ने अवधिया को दोषी मानते हुए एक वर्ष की कैद और 1000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी।

यह भी पढ़ें- CG NAN Scam: कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे पूर्व IAS आलोक शुक्ला, SC ने खारिज कर दी थी जमानत याचिका

हाई कोर्ट ने यह सुनाया फैसला

अपील पर सुनवाई करते हुए जस्टिस बी.डी. गुरु की बेंच ने कहा कि, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1947 के तहत दर्ज मामला, अधिनियम 1988 लागू होने के बाद भी विचारणीय है। लेकिन अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि अपीलकर्ता ने वास्तव में अवैध परितोषण की मांग और स्वीकृति दी थी। उपलब्ध मौखिक, दस्तावेजी या परिस्थितिजन्य साक्ष्य से रिश्वतखोरी का अपराध सिद्ध नहीं होता।



<



Advertisement Carousel

theblazeenews.com (R.O. No. 13229/12)

×
Popup Image



Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
admin
  • Website

Related Posts

बिल्हा-बलौदाबाजार रोड पर बरसाईं ईंटें, एक ट्रक मकान में घुसा, तीन के टूटे शीशे, कई घायल

April 21, 2026

छत्तीसगढ़ में पांच दिनों तक लू चलने की चेतावनी, कुछ जिलों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका

April 21, 2026

डोंगरगांव के छत्तीसगढ़ फार्म में लगी आग:फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू

April 21, 2026

Comments are closed.

samvad add RO. Nu. 13766/133
samvad add RO. Nu. 13766/133
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

068256
Views Today : 5
Views Last 7 days : 1045
Views Last 30 days : 4087
Total views : 89216
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.