भास्कर न्यूज | बलौदा बाजार सूर्यपुत्र शनिदेव की जयंती इस वर्ष 16 मई को विशेष धार्मिक संयोगों के बीच मनाई जाएगी। खास बात यह है कि 20 वर्षों में चौथी बार शनि जयंती शनिवार के दिन पड़ रही है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जा रहा है। इस बार शनि अमावस्या, वट सावित्री व्रत, शोभन योग और सौभाग्य योग का दुर्लभ मेल बन रहा है। इसे लेकर शहर सहित जिलेभर के श्रद्धालुओं में उत्साह देखा जा रहा है। गौरव पथ स्थित पुराने शनि मंदिर में दिनभर विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और धार्मिक आयोजन होंगे। श्रद्धालु शनि देव की आराधना कर सुख-समृद्धि और कष्टों से मुक्ति की कामना करेंगे। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है तथा भक्तों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। पंडित मनहरण वैष्णव ने बताया कि जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैया या महादशा चल रही है, उनके लिए यह दिन विशेष फलदायी रहेगा। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु तिल से स्नान कर शनि मंत्रों का जाप करें तथा तिल के तेल से अभिषेक करें। नीले फूल, काली उड़द और गुड़ का भोग अर्पित करना शुभ माना गया है। साथ ही छाता, वस्त्र और भोजन का दान करने से शनि दोष शांत होने की मान्यता है। वट अमावस्या के अवसर पर सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना के साथ वटवृक्ष की पूजा और परिक्रमा करेंगी। गौरव पति स्थित शनि मंदिर समिति के प्रमुख सदस्य लखेश साहू ने बताया कि सुबह 5 बजे से शनि उत्सव की शुरुआत होगी। भक्त दिनभर तेल अभिषेक और दर्शन-पूजन कर सकेंगे। शाम 4 बजे महाआरती होगी, जिसके बाद प्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। पंडित चूड़ामणि तिवारी ने बताया कि 16 मई को शोभन और सौभाग्य योग का संयोग जयंती के महत्व को और बढ़ा रहा है। इन शुभ योगों में पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने से विशेष पुण्यफल प्राप्त होता है। इससे पहले वर्ष 2006, 2013 और 2016 में शनिवार को शनि जयंती मनाई गई थी। इस बार अमावस्या तिथि 16 मई सुबह 5:11 बजे से प्रारंभ होकर 17 मई दोपहर 1:30 बजे तक रहेगी।
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