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आज जहां अधिकतर बच्चे मोबाइल और तकनीक की चकाचौंध में अपने बचपन और पारिवारिक मूल्यों से दूर होते जा रहे हैं, वहीं रामानुजगंज नगर के वार्ड क्रमांक 4 निवासी मनोज तिवारी के 11 वर्षीय बेटे अमूल्य राज ने अपने धार्मिक और आध्यात्मिक रुझान से समाज के सामने एक
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अमूल्य राज न केवल स्कूल की पढ़ाई में रुचि रखते हैं, बल्कि उन्हें रामायण, महाभारत, श्रीमदभगवद्गीता जैसे पवित्र ग्रंथों में विशेष रुचि रखते हैं। साथ ही वे वैदिक मंत्रों का पाठ भी आत्मीयता से करते हैं और उन्हें कई मंत्र कंठस्थ हैं।
इतनी छोटी उम्र में उनका यह धार्मिक ज्ञान और संस्कारित व्यवहार न केवल परिवार, बल्कि समाज के लिए भी गर्व की बात है। उन्हें हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों और धार्मिक परंपराओं की अच्छी जानकारी है। अमूल्य का मानना है कि धर्म और संस्कार ही व्यक्ति को जीवन में सही दिशा प्रदान करते हैं।
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