हरेली पोस्टर विवाद पर छत्तीसगढ़ में सियासत:छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर गायब होने पर कांग्रेस का हमला, सरकार पर संस्कृति की उपेक्षा का आरोप

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छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोकपर्व हरेली तिहार के पोस्टर को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। राजधानी रायपुर में लगाए गए सरकारी पोस्टरों में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर नहीं होने पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर प्रदेश की संस्कृति और अस्मिता की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह केवल एक पोस्टर की गलती नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान और गौरव से जुड़े प्रतीकों के प्रति सरकार की सोच को दर्शाता है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया में जारी किया पोस्ट कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और जनभावनाओं से जुड़ा पर्व है। ऐसे पर्व के सरकारी प्रचार-प्रसार में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर का नहीं होना करोड़ों प्रदेशवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। पार्टी ने इसे सांस्कृतिक अस्मिता के साथ अनदेखी बताया है। पूर्व विधायक ने सरकार को घेरा पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार लगातार छत्तीसगढ़ की पहचान से जुड़े प्रतीकों को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकारी हरेली पोस्टर से छत्तीसगढ़ महतारी का चित्र गायब है। भाजपा की सरकार छत्तीसगढ़ के मान-सम्मान और सांस्कृतिक विरासत को कभी नहीं समझ सकती।” उन्होंने आरोप लगाया कि पोस्टर से छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर हटाना भाजपा की छत्तीसगढ़ विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। पोस्टरों में सुधार करने की मांग कांग्रेस ने सरकार से इस मामले में सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देने और पोस्टरों में तत्काल सुधार करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि प्रदेश के लोकपर्वों और सांस्कृतिक प्रतीकों का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। हरेली तिहार से पहले शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर है।
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