कॅरियर चुनने के साथ तनाव प्रबंधन की सीख

भास्कर न्यूज| महासमुंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तुमगांव में शनिवार को छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य को दिशा देने के लिए एक विशेष कॅरियर काउंसलिंग और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सामाजिक संस्था बढ़व संगवारी के आयोजित इस कार्यक्रम में कक्षा 10वीं से 12वीं तक के 150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को भविष्य में उपलब्ध करियर के विविध विकल्पों से रूबरू कराना और उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से मजबूत बनाना था। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और कॅरियर विशेषज्ञ राधे श्याम बघेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अक्सर सही जानकारी के अभाव में छात्र गलत राह चुन लेते हैं। उन्होंने 12वीं के बाद उपलब्ध विभिन्न पारंपरिक और आधुनिक पाठ्यक्रमों, तकनीकी शिक्षा, कृषि, प्रबंधन और शासकीय व निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शुरुआती चरणों और जरूरी रणनीतियों को बारीकी से समझाया। सेवानिवृत्त सहायक प्राध्यापक शिव कुमार वर्मा ने बच्चों को परीक्षा के तनाव से बचने और कठिन विषयों को आसानी से समझने के गुर सिखाए। उन्होंने टाइम मैनेजमेंट पर जोर देते हुए कहा, “यदि दिशा सही हो और मेहनत में ईमानदारी हो, तो दुनिया का कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मीरा बघेल ने छात्र-छात्राओं को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। उन्होंने किशोरावस्था के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल व मानसिक बदलावों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया और बेहतर पोषण व स्वच्छता की आदतों को अपनाने की सलाह दी। विद्यालय के प्राचार्य सुरेन्द्र मानिकपुरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए इस तरह के मार्गदर्शन सत्र बेहद जरूरी हैं, ताकि वे शहरी बच्चों की तरह हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकें। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रखने की उम्मीद जताई। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में ओपन फोरम का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने खुलकर अपने मन की शंकाएं विशेषज्ञों के सामने रखीं। किसी छात्र ने सिविल सर्विसेज की तैयारी के बारे में पूछा, तो किसी ने कंप्यूटर साइंस और मेडिकल क्षेत्र में जाने का रास्ता जानना चाहा। संस्था की टीम ने वन-टू-वन चर्चा करते हुए सभी विद्यार्थियों के सवालों के बेहद सरल और संतोषजनक जवाब दिए।
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