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मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनकपुर क्षेत्र स्थित सीतामढ़ी धाम में 184 कुंडीय नवतपा महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। भरतपुर विकासखंड के ग्राम घघरा में 25 मई से शुरू हुआ यह नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन 3 जून तक चलेगा। आयोजन में श्रीमद् देवी पुराण भागवत कथा, अखंड श्रीराम नाम संकीर्तन, वाल्मीकि रामायण पाठ, रामलीला और संत सम्मेलन जैसे कार्यक्रम हो रहे हैं। घने जंगलों के बीच स्थित सीतामढ़ी धाम को रामवनपथगमन से जुड़ा पवित्र धार्मिक स्थल माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, वनवास काल के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने यहां विश्राम किया था। यही वजह है कि यह स्थल क्षेत्र में आस्था और सनातन संस्कृति का प्रमुख केंद्र माना जाता है। 184 कुंडों में हो रहा वैदिक हवन इस आयोजन का मुख्य आकर्षण 184 कुंडीय नवतपा महायज्ञ है। यज्ञ में वैदिक विधि-विधान के साथ हवन और अग्निहोत्र किए जा रहे हैं। सुबह से देर रात तक यज्ञशाला वैदिक मंत्रोच्चार से गूंज रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यज्ञ में शामिल होकर आहुति दे रहे हैं। रामचंद्र शरण महाराज के सानिध्य में आयोजन पूरे आयोजन का संचालन रामचंद्र शरण जी महाराज के सानिध्य में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नवतपा महायज्ञ का उद्देश्य लोककल्याण, जनकल्याण और समस्त जीवों की सुख-समृद्धि की कामना करना है। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से यहां हर वर्ष महायज्ञ, रामकथा और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। भगवान श्रीराम ने यहां स्थापित किया था शिवलिंग स्थानीय श्रद्धालुओं के मुताबिक, सीतामढ़ी धाम वह स्थान है जहां भगवान श्रीराम ने शिवलिंग की स्थापना की थी। यहां मौजूद शिवलिंग आज भी श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र बने हुए हैं। मध्यप्रदेश समेत दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना और मनोकामना कर रहे हैं। समापन पर होगा विशाल भंडारा महायज्ञ के साथ रामलीला और अखंड श्रीराम नाम संकीर्तन भी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं। आयोजन समिति के अनुसार, 3 जून को समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
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