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दुर्ग में सुशासन तिहार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आगमन से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई। रविवार सुबह करीब 10 बजे एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष गुरलीन सिंह, विधानसभा अध्यक्ष वरुण केवलतानी, आदिल खान, शाश्वत पांडेय और अमान अशरफी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। एनएसयूआई नेताओं का आरोप है कि वे मुख्यमंत्री के सामने छात्रों से जुड़े मुद्दे, प्रदेश में बढ़ते अपराध, नशे के कारोबार और दुर्ग शहर के विवादों पर अपनी बात रखने जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें अवसर नहीं दिया। एनएसयूआई नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि वे नगर निगम और महापौर अलका बाघमार से जुड़े विभिन्न विवादों पर सवाल उठाना चाहते थे। उनके अनुसार, शहर में ठेला व्यापारियों को कथित धमकियां देने, अधिकारियों के व्यवहार और निगम प्रशासन से जुड़े कई मुद्दे जनता के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। इन मामलों को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने की तैयारी थी, लेकिन पुलिस ने उससे पहले ही कार्रवाई कर दी। किसी भी अधिकारी को नहीं मिलेगी छूट: मुख्यमंत्री साय कार्यक्रम के दौरान जब अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों की बात न सुनने का मुद्दा उठा, तो मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साफ कहा कि यह बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जहां भी ऐसी शिकायत मिलेगी, उसकी जांच कराई जाएगी और अगर कोई अधिकारी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, फिर चाहे वह कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार सख्ती से काम कर रही है और पिछले ढाई वर्षों में अपराध और शिकायतों पर गंभीर कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि आगे भी जनता को न्याय दिलाने के लिए इसी तरह कड़े कदम उठाए जाएंगे। दुर्ग के लिए 737 करोड़ के विकास कार्यों का ऐलान इस दौरान मुख्यमंत्री ने सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में दुर्ग जिले के लिए कुल 737 करोड़ 7 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणाएं की। इसमें 376 करोड़ 69 लाख रुपए की लागत से बने 99 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया, जबकि 360 करोड़ 38 लाख रुपए की लागत वाले 152 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेज गर्मी और 40 से 45 डिग्री तापमान के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना यह दिखाता है कि जनता सरकार की योजनाओं से जुड़ रही है। उन्होंने बताया कि समाधान शिविरों में लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। सरकार सीधे लोगों से फीडबैक लेकर यह भी देख रही है कि योजनाएं जमीनी स्तर पर कैसे काम कर रही हैं। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, सांसद विजय बघेल, विधायक डोमनलाल कोर्सवाड़ा, विधायक ईश्वर साहू, महापौर अलका बाघमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के चेक वितरित किए गए तथा मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार जिन प्रमुख परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया उनमें हेमचंद यादव विश्वविद्यालय भवन, पाटन कॉलेज का इंडोर स्टेडियम, शिवनाथ नदी पर उच्चस्तरीय पुल, विद्युत उपकेंद्र, पेयजल परियोजनाएं और विभिन्न सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं। वहीं भूमिपूजन कार्यों में सीएसवीटीयू परिसर में छात्रावास, आयुर्वेद अस्पताल, मल्टीलेवल पार्किंग, एसटीपी, नालंदा परिसर, सड़क चौड़ीकरण और अन्य महत्वपूर्ण अधोसंरचना परियोजनाएं शामिल हैं।
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