छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में निराश्रित पेंशन पाने वाली एक महिला को जीवित होने के बावजूद मृत घोषित कर दिया है और साथ ही उसकी पेंशन भी बंद कर दी गई है। ऐसा …और पढ़ें

HighLights
- जीवित महिला को बना दिया मृत
- पेंशन पाने भटक रही दर-दर
- कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। निराश्रित पेंशन पाने वाली एक महिला को जीवित होने के बावजूद मृत घोषित कर दिया है और साथ ही उसकी पेंशन भी बंद कर दी गई है। खुद को जीवित साबित करने और पेंशन पाने के लिए दर-दर भटक रही बुजुर्ग महिला ने कलेक्टर के जनदर्शन में गुहार लगाई है। इस पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। समाज कल्याण विभाग को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही ऐसा करने वाले संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के भी निर्देश भी कलेक्टर ने दिए हैं।
जरहाभाठा निवासी अमीना बेगम ने आवेदन देकर बताया कि उन्हें जीवित होने के बावजूद मृत घोषित कर निराश्रित पेंशन बंद कर दी गई है। जबकि इसके लिए वह विभाग की कई बार चक्कर काट चुकी हैं, लेकिन उनकी एक भी सुनी नहीं जा रही है। पेंशन बंद होने से आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं अब यह मामला जनदर्शन में आने के बाद महिला को न्याय मिलने की आस जगी है। वहीं जिले की विभिन्न शराब दुकानों में कार्यरत लगभग 150 सुरक्षा गार्डों ने दो माह से वेतन और ओवरटाइम भुगतान नहीं मिलने की शिकायत भी कलेक्टर से की है। इस पर आबकारी विभाग को जांच के आदेश दिए गए। साप्ताहिक जनदर्शन में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल भी मौजूद रहे।
इस तरह के मामलों में भी हुई सुनवाई
जनदर्शन में अवैध कब्जा, सीमांकन, महतारी वंदन योजना, पेंशन और भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से जुड़े मामलों की संख्या अधिक रही। मस्तूरी विकासखंड के बेलपान गांव के ग्रामीणों ने कालिन्दी इस्पात कंपनी पर भूजल के अत्यधिक दोहन का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने बताया कि कंपनी द्वारा औद्योगिक उपयोग के लिए बोरवेल और पाइपलाइन के माध्यम से लगातार भूजल निकाला जा रहा है, जिससे गांव में जल संकट गहरा गया है।
ग्रामीणों ने मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की। मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम पोड़ी के किसानों ने बांधा जलाशय चौड़ीकरण कार्य में अधिग्रहित भूमि का मुआवजा डेढ़ दशक बाद भी नहीं मिलने की शिकायत की। लगभग 40 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। कलेक्टर ने मामले को भू-अभिलेख शाखा को भेजते हुए शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
ड्रोन खरीदी पर सब्सिडी की रखी गई मांग
ग्राम लमेर के युवा किसान भाग्योदय ने कृषि ड्रोन पायलट प्रशिक्षण और ड्रोन खरीदी पर सब्सिडी देने की मांग रखी, ताकि वे स्वरोजगार शुरू कर सकें। वहीं ग्राम पंचायत पाली (नवाडीह) के ग्रामीणों ने मोहल्ले के बीच लगाए गए छह बिजली खंभों को हटाने की मांग करते हुए सुरक्षा खतरे की आशंका जताई। कलेक्टर ने मामले को टीएल पंजी में दर्ज कर बिजली विभाग से जवाब मांगा है।
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इसके अलावा ग्राम खैरखुड़ी की संयोगिता भारद्वाज ने विधवा पेंशन और महतारी वंदन योजना का लाभ फिर से शुरू कराने की मांग की। गढ़वट निवासी एवसराम कश्यप ने मोटराइज्ड ट्राइसिकल उपलब्ध कराने का आवेदन दिया। कलेक्टर ने सभी आवेदनों पर गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
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