छत्तीसगढ़ की अदालतों में अब आपराधिक मामलों के फैसले पहले से कहीं ज्यादा स्पष्ट, व्यवस्थित और समझने योग्य होंगे। …और पढ़ें

HighLights
- छत्तीसगढ़ नियम एवं आदेश (आपराधिक) में बड़ा बदलाव
- सभी निचली अदालतों के लिए नया प्रावधान लागू
- बदलाव सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में किया गया
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की अदालतों में अब आपराधिक मामलों के फैसले पहले से कहीं ज्यादा स्पष्ट, व्यवस्थित और समझने योग्य होंगे। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ नियम एवं आदेश (आपराधिक) में बड़ा बदलाव करते हुए सभी निचली अदालतों के लिए नया प्रावधान लागू कर दिया है।
अब हर आपराधिक फैसले के अंत में गवाहों, दस्तावेजों और भौतिक सबूतों की विस्तृत सूची देना अनिवार्य होगा। इस नई व्यवस्था से न केवल अदालतों के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि आम लोगों के लिए भी फैसलों को समझना आसान हो जाएगा।
हर निर्णय के साथ तीन अलग-अलग सूचियां जोड़ी जाएंगी
हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना के अनुसार अब हर निर्णय के साथ तीन अलग-अलग सूचियां जोड़ी जाएंगी। पहली सूची में केस से जुड़े गवाहों के नाम और उनकी भूमिका का उल्लेख रहेगा।
दूसरी सूची में एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जब्ती पंचनामा सहित अदालत में पेश दस्तावेजों का विवरण और उन्हें प्रमाणित करने वाले व्यक्ति का नाम दर्ज किया जाएगा। वहीं तीसरी सूची में हथियार, मोबाइल, वाहन, कपड़े या अन्य भौतिक साक्ष्यों की पूरी जानकारी दी जाएगी।
बदलाव सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में किया गया
दरअसल यह बदलाव सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में किया गया है और इसे तत्काल प्रभाव से प्रदेश की सभी निचली अदालतों में लागू कर दिया गया है। नई व्यवस्था से उच्च अदालतों को अपील के दौरान रिकार्ड और सबूत तलाशने में आसानी होगी।
साथ ही, जटिल मामलों की पूरी तस्वीर एक नजर में स्पष्ट दिखाई दे सकेगी। यदि किसी मामले में गवाहों या दस्तावेजों की संख्या अधिक होगी, तो न्यायाधीश मुख्य और आवश्यक साक्ष्यों की सूची तैयार कर सकेंगे। यह नियम अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों के सबूतों पर समान रूप से लागू रहेगा।
<
