नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। न्यायधानी में चाकूबाजी की बढ़ती घटनाओं ने शहर की शांति भंग कर दी है। इन वारदात के पीछे का सबसे बड़ा कारण ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर घातक हथियारों की आसान उपलब्धता है। चीनी, खटकेदार और बटन वाले चाकू अब महज एक क्लिक पर घर पहुंच रहे हैं। विडंबना यह है कि इन हथियारों के साथ पकड़े जाने पर पुलिस आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई तो करती है, लेकिन इन्हें धड़ल्ले से बेचने वाली नामी कंपनियों और विक्रेताओं पर शिकंजा कसने के लिए कोई ठोस कानून नहीं है।
हथियारों की श्रेणी में बंदूक, कट्टा या माउजर रखने पर आर्म्स एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई होती है और इनकी खरीद-बिक्री के लिए लाइसेंस अनिवार्य है। वहीं, चाकू की बिक्री को लेकर स्थिति इसके उलट है। बाजार में किचन के सामान की आड़ में बड़े और धारदार चाकू बेचे जा रहे हैं। ई-कॉमर्स साइट्स पर सेल्फ डिफेंस और स्प्रिंग चाकू जैसे लुभावने नामों से ये हथियार युवाओं, विशेषकर स्कूल जाने की उम्र के किशोरों तक पहुंच रहे हैं, जो अनजाने में अपराध की दलदल में फंस रहे हैं।
सावधान! घर में भी भारी पड़ सकता है बड़ा चाकू
कानून के जानकारों और पुलिस के मुताबिक, चाकू रखने के भी कड़े नियम हैं, जिनसे आम जनता अनभिज्ञ हैं।
पांच इंच की सीमा: यदि आप पांच इंच से बड़ा चाकू लेकर सार्वजनिक स्थान पर घूमते पाए जाते हैं, तो पुलिस धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत जेल भेज सकती है।
घरेलू उपयोग: घर में सब्जी काटने के लिए भी पांच इंच से बड़े या बटन वाले चाकू रखना अपराध की श्रेणी में आता है।
बाजार की मनमानी: दुकानदार नियम न होने का हवाला देकर बड़े चाकू बेच रहे हैं, जिस पर पुलिस केवल समझाइश तक सीमित है।
शहर की चाकूबाजी की चर्चित व प्रमुख घटनाएं
- नाली में पेशाब पर हत्या का प्रयास (अप्रैल 2026): विवाद के बाद सात नाबालिगों समेत 10 आरोपितों ने जानलेवा हमला किया।
- थाने के सामने दहशतगर्दी (मई 2026): उर्स के दौरान उपद्रव मचाते हुए सरगना समेत सात आरोपित चाकूबाजी के मामले में गिरफ्तार हुए।
- अंडा ठेला संचालक पर हमला (अगस्त 2025): सरकंडा के रामसेतु पुल के पास 10 बदमाशों ने चाकू दिखाकर लूटपाट और तोड़फोड़ की।
- पिकनिक स्पॉट पर खूनी संघर्ष (मई 2026): चिलहाटी में दोस्तों के बीच विवाद में सब्जी काटने वाले चाकू से युवक पर जानलेवा हमला हुआ।
- नंबर ब्लॉक करने पर हत्या (फरवरी 2026): प्रेम-प्रसंग में विवाद के चलते प्रेमिका ने ही प्रेमी को चाकू मारकर मौत के घाट उतार दिया।
- बार में खूनी विवाद (नवंबर 2025): इल्यूम बार में युवती से छेड़खानी के विवाद में दो गुटों के बीच जमकर चाकू चले।
हाई कोर्ट ने संज्ञान लेकर दिए थे कड़े निर्देश
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बिलासपुर सहित प्रदेशभर में बढ़ती चाकूबाजी की घटनाओं और खतरनाक चाकुओं की सुलभ उपलब्धता पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अगस्त 2025 में राज्य शासन को इस पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की खंडपीठ ने इस मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए गृह विभाग के प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए थे।
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हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि केवल खानापूर्ति से काम नहीं चलेगा; इन हथियारों की आवक पूरी तरह रोकने के लिए एक ठोस रणनीति अनिवार्य है। चाकू का उपयोग घरेलू कामों के लिए भी होता है, इसलिए इसकी बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध में कानूनी पेंच हैं।
हालांकि, संदिग्धों और अपराधियों पर निगरानी रखने के लिए शॉपिंग साइट्स से ऑनलाइन डेटा मंगाया जाता है। डेटा की जांच के बाद लगातार कार्रवाई की जा रही है। पंकज कुमार पटेल, एएसपी सिटी, बिलासपुर।
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