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छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने 42 आईएएस समेत कुल 43 अधिकारियों के प्रभार बदले हैं। साय सरकार ने इस प्रशासनिक सर्जरी के जरिए साफ कर दिया है कि अब सरकार ‘इलेक्शन डिलीवरी मोड’ में आ चुकी है। अगले विधानसभा चुनाव में करीब दो साल बचे हैं और सरकार अब उन्हीं अफसरों को फ्रंटलाइन में ला रही है, जिनसे रिजल्ट की उम्मीद है। इस सूची में सिर्फ विभाग नहीं बदले गए, बल्कि कई अफसरों का कद तय किया गया है। कहीं पावर सेंटर कमजोर किए गए हैं, तो कहीं भरोसेमंद अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारियां देकर मजबूत किया गया है। नई टीम में महिला अफसरों का दबदबा भी साफ नजर आ रहा है। पढ़िए इस रिपोर्ट में प्रशासनिक सर्जरी का पूरा एनालिसिस:- पंचायत में ऋचा शर्मा की एंट्री, सरकार का गांवों पर फोकस सरकार ने 1994 बैच की अपर मुख्य सचिव (ACS) ऋचा शर्मा को वन विभाग से हटाकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग की कमान सौंपी है। उन्हें विकास आयुक्त और ठाकुर प्यारेलाल पंचायत संस्थान का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है, जो प्रशासनिक हलकों में एक बड़ी और रणनीतिक पोस्टिंग मानी जा रही है। दरअसल, अगले चुनाव से पहले साय सरकार की सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण अंचलों में अपनी योजनाओं का प्रभाव दिखाना है, जहां प्रधानमंत्री आवास, जल जीवन मिशन और ग्रामीण रोजगार जैसे मोर्चों पर तेजी से काम करना है। ऋचा शर्मा की पहचान एक सख्त, तेजी से फैसले लेने वाली और ‘रिजल्ट ओरिएंटेड’ अफसर की रही है। यही वजह है कि सरकार ने ग्रामीण विकास के पूरे सिस्टम को उनके हाथों में सौंपकर सीधे ग्रामीण सिस्टम के सेंटर में बैठाया है। सुबोध सिंह बने बिजली विभाग के ‘सुपर बॉस’ मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव 1997 बैच के IAS सुबोध कुमार सिंह अब पूरे ऊर्जा विभाग के सबसे ताकतवर अफसर बन गए हैं। पहले उनके पास CSPTCL था, लेकिन अब ऊर्जा विभाग और पूरी पावर कंपनियों की कमान भी उनके हाथ में आ गई है। यानी जेनरेशन, डिस्ट्रीब्यूशन और ट्रांसमिशन तीनों पर अब एक ही अफसर की पकड़ होगी। यह फैसला बताता है कि सरकार बिजली सेक्टर में केंद्रीकृत नियंत्रण चाहती है। उनके साथ सारांश मित्तर को सचिव ऊर्जा नियुक्त एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम भी दिया गया है। पहली बार महिला अफसर के हाथ में गृह विभाग छत्तीसगढ़ बनने के बाद पहली बार गृह विभाग की कमान किसी महिला IAS को दी गई है। 1997 बैच की IAS निहारिका बारिक अब प्रमुख सचिव गृह एवं जेल विभाग होंगी। अब तक गृह विभाग संभाल रहे एसीएस मनोज पिंगुआ को वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग भेजा गया है। वित्त से मुकेश बंसल की विदाई, रोहित यादव की एंट्री 2005 बैच के आईएएस मुकेश बंसल की वित्त विभाग से विदाई हो गई है। अब सरकार ने सचिव वित्त विभाग उनसे लेकर 2002 बैच के IAS डॉ. रोहित यादव को दे दिया है। मुकेश बंसल के पास वित्त विभाग जैसा बेहद ताकतवर विभाग था। साथ ही मुख्यमंत्री सचिवालय में भी उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। हालांकि मुकेश बंसल को पीडब्ल्यूडी, सीजीआरआईडीसी की जिम्मेदारी के साथ मुख्यमंत्री सचिवालय की जिम्मेदारी भी दी है, लेकिन वित्त विभाग से विदाई को अफसरशाही में इसे पावर शिफ्ट के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, वित्त विभाग सरकार की नीतियों और बजट नियंत्रण का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। ऐसे में इसे हटाकर पीडब्ल्यूडी देना सिर्फ सामान्य बदलाव नहीं माना जा रहा। हालांकि सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर पर है, इसलिए पीडब्ल्यूडी भी अगले दो साल में हाई-प्रोफाइल विभाग रहेगा। बसवराजू CM सचिवालय से बाहर, प्रभात मलिक की एंट्री मुख्यमंत्री सचिवालय में लंबे समय से मजबूत पकड़ रखने वाले 2007 बैच के IAS बसवराजू एस को हटाकर कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगार विभाग भेजा गया है। यह विभाग महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन इसे CM सचिवालय से साइड शिफ्ट माना जा रहा है। उनकी जगह 2015 बैच के IAS प्रभात मलिक को मुख्यमंत्री का संयुक्त सचिव बनाया गया है। इनकी मुख्यमंत्री सचिवालय में एंट्री को नई पीढ़ी के अफसरों को आगे लाने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। मलिक के पास चिप्स और उद्योग जैसे विभागों का अनुभव भी है। इनके पास संचालक उद्योग एवं विमानन का प्रभार सौंपा गया है। ट्रांसफर लिस्ट में मंत्रियों की पसंद-नापसंद का भी दिखा असर 2001 बैच की आईएएस शहला निगार पहले कृषि उत्पादन आयुक्त और कृषि विभाग संभाल रही थीं। अब उन्हें महिला एवं बाल विकास विभाग भेजा गया है। कृषि विभाग अब 2002 बैच के IAS परदेशी सिद्धार्थ कोमल को मिला है। वहीं 2002 बैच IAS डॉ. कमलप्रीत सिंह को स्कूल शिक्षा विभाग का सचिव बनाया है। वे पहले पीडब्ल्यूडी संभाल रहे थे। कमलप्रीत पहले डीपीआई भी रह चुके हैं, इसलिए शिक्षा विभाग का उनका अनुभव सरकार के काम आ सकता है। इन तीनों अधिकारियों की पोस्टिंग को विभाग के मंत्रियों की पंसद-नापसंद से जोड़कर देखा जा रहा है। 6 साल बाद संस्कृति विभाग से हटे IFS विवेक आचार्य 2006 बैच के आईएफएस अधिकारी विवेक आचार्य को राज्य सरकार ने संस्कृति विभाग के संचालक पद से हटा दिया है। अब सरकार ने उनकी जगह 2016 बैच के IAS डॉ. संजय कन्नौजे को संस्कृति विभाग का संचालक बनाया है। साथ ही उन्हें धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वे 2020 से इस पद पर पदस्थ थे और कांग्रेस सरकार के समय से लगातार विभाग संभाल रहे थे। उनके कार्यकाल को लेकर कलाकारों और सांस्कृतिक संगठनों में नाराजगी की चर्चा रही। उनके खिलाफ कलाकारों ने उपेक्षा और कार्यशैली को लेकर शिकायतें भी की थीं। उनके पास छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के MD की जिम्मेदारी है।
महिला अफसरों का बढ़ा दबदबा इस सूची का एक बड़ा संदेश ‘नारी शक्ति’ भी है। गृह, पंचायत, नगरीय प्रशासन, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा मंडल और कई जिलों में महिला अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। डिप्टी सीएम साव और शर्मा के विभाग में तेजतर्रार महिला अधिकारियो की पोस्टिंग हुई है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव के नगरीय प्रशासन विभाग में 2005 बैच की IAS आर शंगीता को सचिव बनाया गया है। वहीं डिप्टी CM विजय शर्मा के दोनों बड़े विभाग गृह और पंचायत अब निहारिका बारिक और ऋचा शर्मा जैसी सीनियर अफसरों के हाथ में होंगे। जबकि पांच महिला अधिकारियों को कलेक्टर बनाया गया है। इनमें 2019 बैच की रेना जमील को सूरजपुर, 2016 बैच IAS पद्मिनी भोई को सारंगढ़-बिलाईगढ़, इसी बैच की चंदन त्रिपाठी बलरामपुर और संतन देवी जांगड़े मनेन्द्रगढ़-चिरमिरि-भरतपुर, 2012 बैच की पुष्पा साहू कोरिया की कमान सौंपी गई है। जिन महिला अधिकारियों को लंबे समय से लूप लाइन में माना जा रहा था, उन्हें भी सरकार ने फ्रंटलाइन में वापस लाया है। पद्मिनी भोई और पुष्पा साहू की पोस्टिंग इसी एंगल से देखी जा रही है।
सात कलेक्टर बदले, प्रमोटी लॉबी की भी जिम्मेदारी सरकार ने 7 जिलों में कलेक्टर बदले हैं। इसमें पांच प्रमोटी IAS अधिकारियों को मौका दिया गया है। यह प्रमोटी लॉबी को बड़ा संदेश माना जा रहा है। बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा को हटाना भी चर्चा में है। सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद यह बदलाव हुआ माना जा रहा है सरकार ने साफ संकेत दिया है कि योजनाओं में ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं होगी। साथ ही बीजापुर, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर, सारंगढ़ और MCB जैसे जिलों में नए चेहरे लाकर सरकार ने फील्ड प्रशासन को पूरी तरह रीसेट करने की कोशिश की है। इसके अलावा विश्वदीप को बीजापुर और संतोष देवांगन को गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही की जिम्मेदारी दी गई है। रिटायरमेंट से पहले कमिश्नर के पोस्टर से हटे महादेव कांवरे 2008 बैच के IAS अधिकारी महादेव कांवरे को रायपुर संभागायुक्त पद से हटाकर आयुक्त सहकारिता एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां बनाया गया है। खास बात यह है कि महादेव कांवरे इसी महीने 31 मई को रिटायर होने वाले हैं। रिटायरमेंट से ठीक पहले हुए इस ट्रांसफर ने प्रशासनिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है। उनकी जगह 2008 बैच के IAS श्याम लाल धावड़े को रायपुर संभाग का नया कमिश्नर बनाया गया है। आबकारी में ‘फुल कंट्रोल’ मॉडल 2010 बैच के IAS पदुम सिंह एल्मा को आबकारी आयुक्त बनाया गया है और मार्केटिंग व बेवरेजेस कॉर्पोरेशन की जिम्मेदारी भी उनके पास ही रहेगी। यानी अब शराब की खरीदी, बिक्री और विभाग का पूरा कंट्रोल एक ही अफसर के पास होगा। NHM में फिर बदली व्यवस्था, संजीव झा को अतिरिक्त जिम्मेदारी 2011 बैच के IAS अधिकारी संजीव कुमार झा, जो अभी आयुक्त-सह-संचालक स्वास्थ्य सेवाएं हैं, उन्हें अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) का प्रबंध संचालक भी बनाया गया है। इससे पहले NHM की जिम्मेदारी 2012 बैच के IAS रणबीर शर्मा के पास थी। रणबीर शर्मा को अब NHM से हटाकर संचालक समाज कल्याण बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग में यह बदलाव अहम माना जा रहा है, क्योंकि NHM केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना है और इसकी मॉनिटरिंग सीधे केंद्र स्तर पर होती है। सरकार ने अब स्वास्थ्य सेवाओं और NHM की कमान एक ही अधिकारी के हाथ में देकर बेहतर समन्वय की कोशिश की है। 2005 बैच का दबदबा कम करने की कोशिश ब्यूरोक्रेसी में लंबे समय से 2005 बैच के अफसरों के प्रभाव की चर्चा होती रही है। इस सूची में उस संतुलन को भी साधने की कोशिश दिखी। कई विभागों में नई पीढ़ी और दूसरे बैच के अफसरों को आगे लाया गया है। 2020 बैच के ऋषभ कुमार पाराशर को अतिरिक्त जिम्मेदारियां देना, 2010 बैच के सारांश मित्तर को ऊर्जा में लाना और प्रभात मलिक को CM सचिवालय में जगह देना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
सरकार का साफ संदेश- सिर्फ रिजल्ट चाहिए पूरे तबादला आदेश को देखें तो सरकार ने उन विभागों में ज्यादा फेरबदल किया है, जिनका सीधा असर जनता पर पड़ता है। पंचायत, नगरीय प्रशासन, पीडब्ल्यूडी, ऊर्जा, शिक्षा, महिला बाल विकास और गृह विभाग में बड़े बदलाव इसी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं। अफसरशाही में यह चर्चा भी है कि यह टीम अब 2028 विधानसभा चुनाव तक सरकार का प्रशासनिक चेहरा होगी। यानी अगले दो साल में सरकार योजनाओं की ग्राउंड डिलीवरी, इंफ्रास्ट्रक्चर, कानून व्यवस्था और ग्रामीण-शहरी विकास को मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है। अधिकारियों को भी मैसेज दिया है गुड परफॉर्मेंस और रिजल्ट चाहिए। IAS ट्रांसफर लिस्ट देखिए… ………………………….. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 43-IAS के तबादले, निहारिका गृह विभाग की प्रमुख सचिव बनीं:ऋचा को पंचायत, पिंगुआ को वन विभाग का जिम्मा, 7 जिलों के कलेक्टर बदले गए छत्तीसगढ़ सरकार ने 43 IAS अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां की हैं। कई अहम विभागों के प्रमुख बदले गए हैं और 7 जिलों में नए कलेक्टरों की तैनाती की गई है। जारी आदेश के अनुसार, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का प्रभार दिया गया है, जबकि मनोज कुमार पिंगुआ को वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पढ़ें पूरी खबर
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