![]()
सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को सिविल लाइन पुलिस ने चार महीने की जांच के बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी ने राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय में फील्ड इन्वेस्टिगेटर बनाने का झांसा देकर 4.91 लाख रुपए ऐंठ लिए थे। पुलिस ने उसे वेस्ट बंगाल से पकड़कर रायपुर लाया है। आरोपी का नाम पुलिस क्षरा शहनवाज खान बताया जा रहा है। आरोपी के खिलाफ शिकायत ब्राम्हणपारा निवासी मीना साकुरे की थी। अब पढ़े क्या है पूरा मामला सिविल लाइन पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ नवंबर 2025 में थाने में शिकायत हुई थी। पीड़ित मीना ने पुलिस को बताया था, कि आरोपी ने राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय रायपुर में फील्ड इन्वेस्टिगेटर पद पर नियुक्ति का झांसा देकर अलग-अलग किस्तों में 4 लाख 91 हजार रुपए ले लिए। रकम लेने के बाद उसने फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र थमा दिया और कहा कि नौकरी लग चुकी है। कुछ समय बाद जब पीड़ितों को संदेह हुआ और उन्होंने कार्यालय से जानकारी ली, तब पूरा मामला फर्जी निकला। नवंबर 2025 में दर्ज हुआ केस, आरोपी फरार पीड़िता की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। लगातार जांच और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस को आरोपी के वेस्ट बंगाल में छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने ठगी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया है। अन्य पीड़ितों की तलाश, जांच जारी सिविल लाइन निरीक्षक यामन देवांगन ने बताया, कि पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने इसी तरह कई और लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगा हो सकता है। फिलहाल उससे पूछताछ कर नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे देने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। बिना वैध प्रक्रिया और आधिकारिक दस्तावेज के किसी भी नियुक्ति पत्र पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है।
<
