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रायपुर की विशेष अदालत ने शादी का झांसा देकर युवती से बार-बार दुष्कर्म करने और बाद में जाति को लेकर शादी से इंकार करने वाले कृषि विस्तार अधिकारी देवनारायण साहू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी को SC/ST एक्ट समेत भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं में दोषी माना। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा की अदालत में हुई। अदालत ने आरोपी पर कुल 6 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कॉलेज में हुई दोस्ती, फिर शुरू हुआ रिलेशन सरकारी वकील उमाशंकर वर्मा ने बताया कि पीड़िता बिलासपुर जिले की रहने वाली है। वह और आरोपी जगदलपुर के एग्रीकल्चर कॉलेज में साथ पढ़ते थे। बाद में दोनों रायपुर में एग्रीकल्चर कोचिंग भी करने लगे। इसी दौरान आरोपी ने युवती को प्रपोज किया। पीड़िता ने कोर्ट में बताया कि उसने शुरुआत में रिलेशनशिप से मना कर दिया था, क्योंकि दोनों की जाति अलग थी और उसे शादी होने की उम्मीद नहीं थी। लेकिन आरोपी ने भरोसा दिलाया कि नौकरी लगने के बाद शादी करेगा। रायपुर के किराए के मकान में पहली बार बनाया संबंध कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक फरवरी 2021 में आरोपी ने युवती को रायपुर के धरमपुरा स्थित अपने किराए के मकान में बुलाया। वहां शादी का भरोसा देकर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया। पीड़िता ने बयान में कहा कि इसके बाद 2023-24 के दौरान भी आरोपी लगातार शादी का वादा कर संबंध बनाता रहा। नौकरी लगने के बाद बदल गया व्यवहार साल 2024 में आरोपी की नौकरी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर लग गई। इसके बाद उसका व्यवहार बदलने लगा। कोर्ट में पीड़िता ने कहा कि आरोपी उसे “नीची जाति की सतनामी लड़की” कहकर अपमानित करने लगा। इसके बावजूद नवंबर 2025 में आरोपी ने उसे मानपुर बुलाया और फिर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। रायपुर बुलाकर कहा- “हमारे यहां सतनामी लड़की से शादी नहीं होती” पीड़िता के मुताबिक 4 दिसंबर 2025 को आरोपी ने उसे रायपुर बुलाया और साफ कहा कि वह उससे शादी नहीं करेगा, क्योंकि वह सतनामी समाज से है। आरोपी ने यह भी कहा कि वह किसी दूसरी लड़की से शादी करना चाहता है।
कोर्ट में मां और भाई ने भी किया समर्थन मामले में पीड़िता की मां और भाई ने भी अदालत में बयान दिया। दोनों ने कहा कि युवती ने उन्हें आरोपी द्वारा शादी का झांसा देकर संबंध बनाने और बाद में जाति के नाम पर शादी से इंकार करने की जानकारी दी थी। मेडिकल रिपोर्ट में भी पुष्टि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करने वाली डॉक्टर ने कोर्ट में बताया कि युवती का हाइमन फटा हुआ था। डॉक्टर ने यह भी कहा कि परीक्षण के दौरान पीड़िता ने आरोपी द्वारा लंबे समय तक शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने की बात बताई थी। अदालत ने क्या कहा अदालत ने माना कि आरोपी शुरू से पीड़िता की जाति जानता था। इसके बावजूद उसने शादी का भरोसा देकर युवती का शारीरिक शोषण किया और बाद में जाति के आधार पर शादी से इंकार कर दिया।
कोर्ट ने आरोपी को:
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