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महासमुंद कोर्ट की सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया ने हत्या के मामले में 22 वर्षीय जीतराम निर्मलकर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जीतराम पटेवा थाना क्षेत्र के ग्राम झाखड़मुड़ा का निवासी है। उस पर घर में घुसकर एक बुजुर्ग महिला की हत्या करने और मोबाइल चोरी करने का आरोप था। यह घटना 29 अक्टूबर 2024 की सुबह सामने आई। जब परिवार की बेटी आरती निषाद अपने पिता रामप्रसाद का फोन मिलने पर रायमुड़ा पहुंची, तो उसने अपनी मां खीरबाई उर्फ राजकुमारी पटेल को खाट पर लहूलुहान पाया। महिला के गले पर धारदार हथियार से गहरा घाव था। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी जीतराम ने रात करीब 10:30 बजे के बाद घर में घुसकर खीरबाई की हत्या की थी। हत्या के बाद वह मृतिका का मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया था। बाद में उसने यह मोबाइल अरसद खान के पास 2 हजार रुपए में गिरवी रख दिया था। पूछताछ के दौरान जीतराम ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। अदालत ने जीतराम निर्मलकर को भारतीय दंड संहिता की धारा 103(1) (हत्या) के तहत आजीवन कारावास और 1,000 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न चुकाने पर उसे 2 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अतिरिक्त, उसे अन्य धाराओं 332(क) और 305(क) के तहत 3-3 वर्ष के सश्रम कारावास और 500-500 रुपए के अर्थदंड की सजा भी मिली है। इन अर्थदंडों का भुगतान न करने पर उसे 1-1 माह का अतिरिक्त कारावास होगा। अदालत ने निर्देश दिया है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इस मामले में लोक अभियोजक संजय गिरी ने पैरवी की।
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