डीएसपी नुपूर उपाध्याय के अनुसार, 13 अप्रैल 2024 को पीड़िता के परिजनों ने बेलगहना चौकी में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। …और पढ़ें

HighLights
- 2024 में लापता हुई थी किशोरी ।
- तमिलनाडु से हुई थी बरामदगी।
- जांच अधिकारी को नकद पुरस्कार।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। नाबालिग को शादी का झांसा देकर भगाने और दुष्कर्म करने वाले आरोपित को विशेष न्यायालय ने 20 वर्ष की सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में उत्कृष्ट विवेचना करने वाले चौकी बेलगहना के सहायक उप निरीक्षक मोतीलाल सूर्यवंशी की एसएसपी रजनेश सिंह ने सराहना करते हुए नकद इनाम देने की घोषणा की है।
डीएसपी नुपूर उपाध्याय ने बताया कि बेलगहना क्षेत्र में रहने वाली किशोरी के स्वजन ने 13 अप्रैल 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी नाबालिग बेटी को ग्राम सिलपहरी निवासी रामसागर मानिकपुरी बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। मामले की जांच सहायक उप निरीक्षक मोतीलाल सूर्यवंशी को सौंपी गई।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और लगातार खोजबीन के आधार पर पीड़िता को शिवपेट, तमिलनाडु से बरामद किया। पूछताछ और जांच में सामने आया कि आरोपित ने नाबालिग को शादी का झांसा देकर अपने साथ भगाया था। इसके बाद उसे डरा-धमकाकर लगातार शारीरिक संबंध बनाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना के दौरान पुलिस ने धारा 87, 64(2)(ड), 351(3) बीएनएस के साथ पाक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 भी जोड़ी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
विवेचक मोतीलाल सूर्यवंशी ने मामले में त्वरित और सटीक जांच करते हुए सभी जरूरी दस्तावेज, मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्य संकलित कर अभियोग पत्र विशेष न्यायाधीश एफटीसी कोर्ट बिलासपुर में प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपित को दोषी ठहराते हुए विभिन्न धाराओं में 20 वर्ष की सश्रम कारावास तथा अर्थदंड की सजा सुनाई।
मामले में प्रभावी विवेचना और पीड़िता को न्याय दिलाने पर एसएसपी रजनेश सिंह ने विवेचक सहायक उप निरीक्षक मोतीलाल सूर्यवंशी की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि त्रुटिरहित जांच और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को सजा दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है। एसएसपी ने विवेचक को नकद इनाम देने की घोषणा भी की है।
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