न्यायधानी बिलासपुर और आसपास के इलाकों में सूरज के तीखे तेवर और सुबह से चल रही गर्म हवाओं (लू) ने लोगों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। …और पढ़ें

HighLights
- स्वास्थ्य विभाग ने लू के लिए जारी कर चुकी है अलर्ट
- इस तरह की समस्या का कर रहे सामना
- बिलासपुर सिम्स और जिला अस्पताल में उमड़ी भीड़
बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि।तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को अपने चपेट में लेने लगी है इसकी वजह से सिम्स और जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ उमड़ने लगी हैं। तेज धूप और गर्म हवाओं का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है। इसी वजह से हीट स्ट्रोक और डीहाइड्रेशन का शिकार हो रहे लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। वही लू के मरीज भी अस्पताल पहुंच चुके है, जिनका इलाज सिम्स में किया गया है।
सिम्स में बीते दो से तीन दिनों में 30 से 40 तो जिला अस्पताल में औसत 10 से 15 मरीज गर्मी की वजह से अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसी तरह सभी स्वास्थ्य केंद्र में औसत 4 से 5 मरीज लू की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। इन अस्पताल के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में मरीज ज्यादा आ रहे हैं। सिम्स के मेडिसिन विशेषज्ञ व एमएस डा़ लखन सिंह का कहना है कि ज्यादा गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी या डिहाइड्रेशन की समस्या आ रही है। इसका सेहत पर बुरा असर पड़ता है।
आमतौर पर लोग इस समस्या को गंभीरता से नहीं लेते। जबकि ऐसे में सिर दर्द, तेज बुखार, मांसपेशियों में कमजोरी, उल्टी दस्त की समस्या लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। जांच में इनके लू या निर्जलीकरण के शिकार होने की पुष्टि की जा रही है। वैसे भी बीते तीन दिनों में तेज गर्मी के सुगह से ही तेज धूप के साथ गर्म हवाएं चल रही है, जिसके संपर्क में आकर लोग बीमार पड़ रहे है। खासतौर पर हीट स्ट्रोक, डिहाईड्रेशन, लू के शिकार हो रहे है। ऐसे में इन दिनों में गर्मी से बचने तेज धूप व गर्म हवाओं से बच के रहने की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने लू के लिए जारी कर चुकी है अलर्ट
स्वास्थ्य विभाग ने लू को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। शहरवासियों से गर्मी से बचने और सावधान रहने की अपील की गई है।साथ ही कहा गया है कि बीमार होने की दशा में तत्काल अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में इलाज की पूरी व्यवस्था की गई है और जरुरी दवाओं का भी स्टाक किया गया है।वही अब सरकारी अस्पतालों में मरीज पहुंचने लगे है।
इस तरह की समस्या का कर रहे सामना
सिर में भारीपन और दर्द का अनुभव होना, तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर और उल्टी आना, कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान अधिक होने, कमजोरी आना, बेचैनी आदि।
अलग से वार्ड तैयार
सिम्स में लू मरीजों के लिए अलग वार्ड तैयार किया गया है। इसमें पांच विस्तरों की व्यवस्था की गई है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को दवाओं के साथ ओआरएस घोल दिया जा रहा है। पूरी व्यवस्थाएं निश्शुल्क है। गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
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