नईदुनिया प्रतिनिधि,बिलासपुर: रेलवे परिक्षेत्र स्थित टीटीई रेस्टहाउस अब पूरी तरह नए रंग-रूप में नजर आने लगा है। रेल प्रशासन ने यहां विश्राम के लिए ठहरने वाले टीटीई की सुविधा और आराम को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक सुविधाएं शुरू की हैं। रेस्टहाउस में अब पैर मसाजर मशीन, बूट पालिश मशीन, आरओ और गीजर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। बेहतर सुविधाएं मिलने से टीटीई पूरी तरह रिलैक्स होकर ट्रेनों में अपनी ड्यूटी कर सकेंगे। इसका सीधा असर उनकी कार्यक्षमता और यात्रियों को मिलने वाली सेवाओं पर भी पड़ेगा।
रेलवे स्टेशन से ही लगा हुआ यह टीटीई विश्रामगृह है। यहां दूसरे रेलवे के टीटीई आकर रूकते हैं और दूसरे या तीसरे दिन ट्रेन में ड्यूटी करते हुए वापस अपने मुख्यालय लौटते हैं। यहां की सुविधाएं बेहतर करने अक्सर मांग उठती है। कर्मचारी यूनियन भी इस तरह के मुद्दे को गंभीरता से उठा रहा। रेल प्रशासन भी मानता है कि उन्हें आरामदायक सुविधाएं मिलनी चाहिए।
यहां मेस भी है। मेस से लेकर अन्य सभी सुविधाओं का ठेका निजी कंपनी को दिया जाता है। इस बार, जिस कंपनी को टेंडर मिला है, उसे बेहतर भोजन, रसोई के साथ अन्य सुविधाएं भी मुहैया करानी है। इसी के तहत रेल मंडल के वाणिज्य विभाग ठेकेदार पर सख्ती बरती और कहां शर्तों के अनुसार सभी सुविधाएं जल्द से जल्द मुहैया कराई जाए, ताकि टीटीई को बेहतर महौल व आराम मिल सके। इसी के तहत रेस्टहाउस में इन सुविधाओं को उपलब्ध कराया गया। टीटीई रेस्टहाउस में दो अत्याधुनिक पैर मसाजर मशीन लगाई गई हैं, ताकि लंबी ड्यूटी के बाद कर्मचारी थकान दूर कर सकें।
इसके अलावा अब टीटीई को अपने ड्यूटी शूज खुद पालिश नहीं करने पड़ेंगे। उनके लिए विशेष बूट पालिश मशीन की व्यवस्था की गई है, जिससे कुछ ही मिनटों में जूते चमक जाएंगे। सिर्फ सुविधाएं ही नहीं, बल्कि पूरे रेस्टहाउस की सूरत भी बदली जा रही है। बिल्डिंग, कमरों और गार्डन का रंग-रोगन और सुंदरीकरण किया जा रहा है। साफ-सफाई और बेहतर माहौल के कारण यहां ठहरने वाले कर्मचारियों को अब पहले से अधिक आराम और सुकून महसूस हो रहा है।
सीसीटीवी से निगरानी
सुरक्षा के मद्देनजर रेस्टहाउस को सीसीटीवी से लैस किया गया है। यह व्यवस्था रेल प्रशासन की है, ताकि पूरे समय रेस्टहाउस की मानिटरिंग हो सके। इसके अलावा ठेकेदार के कार्यों पर नजर रखी जा सके। आने वाले दिनों नए फर्नीचर भी रखे जाएंगे।
खानपान पर खास ख्याल
रेलवे का मानना है कि जितना ध्यान टीटीई के आराम पर दिया जा रहा है, उसी कही ज्यादा जरुरी टीटीई के खानपान की है। इसीलिए खानपान के लिए रोटी मेकर मशीन भी रखना अनिवार्य किया गया है। अब मशीन से झटपट रोटियां निकल रही। बर्तन भी साफ- सुथरा रखने का निर्देश दिया गया है। इस पर प्रमुखता से पालन हो रहा है।
प्रतिदिन 100 टीटीई करते हैं विश्राम
बिलासपुर का यह टीटीई रेस्टहाउस बेहद महत्वपूर्ण व उपयोगी है। राउरकेला, नागपुर व दिल्ली समेत अन्य रेलवे के टीटीई, जो अलग-अलग ट्रेनों से बिलासपुर तक ड्यूटी करते हैं, वह यहीं विश्राम करते हैं। प्रतिदिन 100 यहां विश्राम करते हैं। सुविधाएं बढ़ने से उन्हें राहत मिलेगी।
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