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जांजगीर-चांपा जिले के कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप ने सरकार और प्रशासन पर उपेक्षा का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने स्वेच्छा अनुदान की राशि जारी न करने और विकास कार्यों के प्रस्तावों को मंजूरी न देने का आरोप लगाया है। विधायक ने घोषणा की है कि वे इन मुद्दों को लेकर 1 मई से महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने सत्याग्रह करेंगे। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। विधायक व्यास कश्यप ने जिला कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि जांजगीर-चांपा विधानसभा क्षेत्र की जनता को सीएसआर, डीएमएफ, जनसंपर्क सहित अन्य शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित किया जा रहा है। प्रशासन विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव तो मांगता है, लेकिन उन्हें मंजूरी नहीं देता। 2 साल बीतने के बाद भी नहीं मिली विधायक निधि की राशि:आरोप उन्होंने विधायक निधि के संबंध में भी शिकायत की। विधायक निधि के तहत क्षेत्र के विकास के लिए 4 करोड़ रुपये मिलते हैं, जिसमें से 2.96 करोड़ रुपये विधायक की अनुशंसा पर जारी होते हैं। शेष राशि प्रभारी मंत्री की अनुशंसा से जारी होती है, लेकिन दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यह राशि नहीं मिली है। विधायक कश्यप ने CM साय को भी पत्र लिखा विधायक कश्यप ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भी पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने बताया कि बजट सत्र के दौरान मंत्री लखन लाल देवांगन ने जांजगीर-चांपा स्थित अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत संयंत्र के प्रभावित क्षेत्रों में उनके द्वारा अनुशंसित विकास कार्यों को शीघ्र स्वीकृत करने का आश्वासन दिया था। अनुशंसा वाले एक भी कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति नहीं इस आश्वासन के बाद, उन्होंने जांजगीर-चांपा जिले के कलेक्टर को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए और उन्हें शासन को प्रेषित कराया था, ताकि समय पर कार्यों की स्वीकृति मिल सके। हालांकि, विभाग की लापरवाही या मंत्री लखन लाल देवांगन के निर्देशों की अनदेखी के कारण, उनकी अनुशंसा वाले एक भी कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिली है। विधायक ने कहा कि शासन-प्रशासन के इस कृत्य से उन्हें मानसिक पीड़ा हुई है और प्रशासनिक तानाशाही चरम पर है। विधायक कश्यप ने 1 मई से सत्यागह की चेतावनी दी विधायक कश्यप ने आरोप लगाया कि कोई भी भाजपा नेता किसी कार्यों की अनुशंसा करता है तो उसे पास किया जाता है तो क्षेत्र में उनकी ही काम पास करो हम विधायक चुपचाप एक कोने में पड़े रहते है। यदि सरकार रवैया ठीक नहीं करती है तो निश्चित ही एक मई से सत्याग्रह किया जाएगा।
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