Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » बलरामपुर में निजी-स्कूल नहीं कर रहे आरटीई नियमों का पालन:अब हर स्कूल में 16 सदस्यीय शाला प्रबंधन समिति का गठन होगा, पेरेट्स होंगे सदस्य
Breaking News

बलरामपुर में निजी-स्कूल नहीं कर रहे आरटीई नियमों का पालन:अब हर स्कूल में 16 सदस्यीय शाला प्रबंधन समिति का गठन होगा, पेरेट्स होंगे सदस्य

By adminApril 20, 2026No Comments2 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
05108b19 c87b 421a b311 59b03145375b 1776660308939
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email



05108b19 c87b 421a b311 59b03145375b 1776660308939
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी अशासकीय विद्यालयों के प्रबंधकों, प्राचार्यों, प्रधानपाठकों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। यह कदम अवैध शुल्क वसूली, महंगी निजी पुस्तकों के उपयोग, अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव से जुड़ी लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उठाया गया है। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत मान्यता प्राप्त कई निजी विद्यालय शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं। विशेष रूप से, कुछ स्कूल एनसीईआरटी/एससीईआरटी पुस्तकों की जगह निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें लागू कर रहे हैं। साथ ही अभिभावकों को एक तय दुकान से पुस्तकें, कॉपियां, गणवेश, अन्य सामग्री खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो नियमों का उल्लंघन है। फीस निर्धारण पर कड़े नियम फीस संरचना को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निर्देशानुसार, प्रत्येक विद्यालय में 16 सदस्यीय शाला प्रबंधन समिति का गठन अनिवार्य है। इस समिति में शिक्षाविद, अभिभावक, अधिवक्ता, पत्रकार जैसे अलग-अलग वर्गों के सदस्य शामिल होंगे। फीस का निर्धारण इसी समिति की ओर से किया जाएगा, कलेक्टर की स्वीकृति के बाद ही लागू होगा। फीस में वार्षिक वृद्धि अधिकतम 8 प्रतिशत तक सीमित रहेगी। अवैध शुल्कों पर पूर्ण प्रतिबंध प्रवेश शुल्क, कंप्यूटर शुल्क, बिजली-पानी शुल्क, स्मार्ट क्लास शुल्क, वार्षिकोत्सव शुल्क, नो-ड्यूज शुल्क पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। यदि कोई विद्यालय इन अवैध शुल्कों की वसूली करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। खरीदारी में दबाव बनाने पर रोक विद्यालयों को छात्रों या अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने का दबाव बनाने से रोका गया है। सभी आवश्यक जानकारी, जैसे पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, सूचना पटल पर प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य आदेश में यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि विद्यालयों में सुरक्षित भवन, अलग-अलग शौचालय, स्वच्छ पेयजल, खेल मैदान, अग्निशामक यंत्र, सीसीटीवी कैमरे जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर वंचित वर्ग के बच्चों को निःशुल्क प्रवेश देना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।



<



Advertisement Carousel

theblazeenews.com (R.O. No. 13229/12)

×
Popup Image



Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
admin
  • Website

Related Posts

Drivers Vision Issues & Rs 15,500 E-Challan

June 23, 2026

कोरबा में नकाबपोश चोरों की करतूत CCTV में कैद:ताला तोड़कर नकदी और खाने का सामान ले उड़े बदमाश, पुलिस जांच में जुटी

June 23, 2026

India Post Matric Scholarship | SC ST OBC Students Registration 1 Aug 2026

June 23, 2026

Comments are closed.

samvad add RO. Nu. 13843/146
samvad add RO. Nu. 13843/146
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

075238
Views Today : 360
Views Last 7 days : 3204
Views Last 30 days : 10032
Total views : 104261
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.