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राजधानी के तेलीबांधा थाना क्षेत्र स्थित विधायक कॉलोनी में हुए विंग कमांडर विपुल यादव आत्महत्या मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस ने जांच के बाद उनकी पत्नी अर्जिता श्रीवास्तव के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। आरोप है कि पत्नी द्वारा लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के कारण ही विंग कमांडर ने यह कदम उठाया। 10-11 मार्च को किया था सुसाइड तेलीबांधा पुलिस के मुताबिक,10-11 मार्च 2026 की दरम्यानी रात को विंग कमांड विपुल यादव ने सुसाइड किया था। 39 वर्षीय विंग कमांडर विपुल यादव अपने सरकारी आवास में फांसी के फंदे पर लटके मिले थे। घटना के बाद तेलीबांधा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की थी। शुरुआती जांच में आत्महत्या के पीछे पारिवारिक विवाद की बात सामने आई थी। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के परिजनों और परिचितों के बयान दर्ज किए। परिजनों ने आरोप लगाया कि विपुल यादव लंबे समय से घरेलू तनाव में थे और उनकी पत्नी उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रही थी। इसी वजह से वह मानसिक रूप से परेशान रहते थे। पुलिस को कुछ ऐसे साक्ष्य भी मिले हैं, जिनसे प्रताड़ना की बात को बल मिला है। जांच के बाद पुलिस ने दर्ज किया केस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में मिले तथ्यों के आधार पर आरोपी पत्नी के खिलाफ धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने) के तहत FIR दर्ज की गई है। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है और आरोपी से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर आगे और धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर घरेलू विवाद और मानसिक तनाव जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर कर दिया है। अब पढ़े पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा तेलीबांधा थाना के निरीक्षक अजय झा ने विंग कमांडर विपुल यादव की पत्नी अर्जिता श्रीवास्तव के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है। निरीक्षक झा के अनुसार मामलें में अभी अर्जिता श्रीवास्तव से पूछताछ की जाएगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब पढ़े कौन थे विंग कमांडर विपुल यादव मामा ने पत्नी पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था विंग कमांडर के मामा सुरेंद्र यादव ने उनके अंतिम संस्कार में दैनिक भास्कर से चर्चा में कहा था, कि विपुल हमेशा तनाव में रहता था। उनकी पत्नी, सास ससुर ने सब चीजों पर प्रतिबंध लगा दिया था। पत्नी ने बहुत प्रताड़ित कर रखा था। माता पिता से बात नहीं करने देती थी। घर में कैमरे लगवा रखे थे। पिता बोले- विपुल हमें कुछ क्लीयर बताता नहीं था विपुल के पिता डॉक्टर राजबहादुर यादव ने दैनिक भास्कर से चर्चा में कहा था, कि हम लोगों ने जानने की कोशिश की लेकिन विपुल हमें कुछ क्लीयर बताता नहीं था। दोस्तों से भी कुछ शेयर नहीं करता था। हमने विपुल से पूछने का प्रयास किया पर वह हमेशा कह देता था- छोड़िए जाने दीजिए। बिना बताए एयरफोर्स ज्वाइन किया विपुल के पिता ने बताया कि विपुल ने एयरफोर्स की परीक्षा का फॉर्म बिना बताए ही भर दिया था। जब उसकी चयन प्रक्रिया पूरी हो गई, तब उसने परिवार को बताया कि उसका चयन भारतीय वायुसेना में हो गया है। परिवार के कुछ सदस्य इसके पक्ष में नहीं थे कि वह एयरफोर्स जॉइन करे, लेकिन विपुल मानसिक रूप से बहुत मजबूत और अपने लक्ष्य को लेकर बेहद जुनूनी था। उसने दृढ़ निश्चय के साथ भारतीय वायुसेना में सेवा शुरू की। शादी के बाद 5 बार ही गांव आए थे। पोता पोती से भी बात नहीं होती थी पिता डॉक्टर राजबहादुर यादव ने कहा – विपुल को इस तरह से रखा गया था कि वो हम लोगों से बात नहीं कर पाता था। पोता पोती से भी बात नहीं होती थी। कुछ दिन साथ रहने का मौका मिला तो बच्चे हमसे घुल मिल गए थे।
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