रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाने के मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। नगरीय प्रशासन विभाग ने नईदुनिया की खबर प्रकाशन के बाद मामले में …और पढ़ें

HighLights
- ‘नईदुनिया’ की खबर के बाद 194 निकायों को नई कार्ययोजना के निर्देश
- लापरवाही पर होगी कार्रवाई, नोडल अधिकारी करेंगे नियमित समीक्षा
- हार्वेस्टिंग और भूजल स्तर सुधारने के लिए सचिव ने दिए कड़े निर्देश
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाने के मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। नगरीय प्रशासन विभाग ने नईदुनिया की खबर प्रकाशन के बाद मामले में नए सिरे से कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विभागीय अधिकारियों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों, नोडल अधिकारियों एवं प्रदेश के सभी 194 नगरीय निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिया है। 13 मई 2026 को नईदुनिया ने खबर प्रकाशित कर चेताया था कि केवल 15 प्रतिशत सरकारी भवनों में ही वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लग पाया है। मामले में नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव शंगीता आर. ने गुरुवार को अधिकारियों की बैठक कर रेन वाटर हार्वेस्टिंग, भूजल संरक्षण एवं जल संरचनाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण और भूजल संरक्षण पर जोर
उन्होंने कहा कि भवनों का निरीक्षण कर वर्षा जल संचयन की प्रभावी योजना बनाई जाए तथा पीएचई विभाग से समन्वय कर भूजल स्तर की नियमित जानकारी ली जाए। उन्होंने हैंडपंप रिचार्ज, सोक-पिट निर्माण तथा जल संरक्षण के स्थानीय मॉडल विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए परेशानी नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपील की। साथ ही स्वच्छता एवं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर विशेष फोकस करने को कहा।
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे: शंगीता आर.
शंगीता आर. ने बैठक में कहा कि नगरीय निकाय राज्य शासन का चेहरा होते हैं और नगरों का विकास राज्य के विकास का पर्याय है। नागरिकों को शुद्ध पेयजल, स्वच्छ वातावरण, बेहतर मूलभूत सुविधाएं एवं कचरामुक्त शहर उपलब्ध कराना नगरीय निकायों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन के पास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, इसलिए कार्यों में लापरवाही, अनियमितता या अनावश्यक बहाने स्वीकार नहीं किए जाएंगे। प्रत्येक आयुक्त एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी अपने निकाय की समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें। स्थानीय समस्याओं की पहचान कर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
अधिकारियों की जवाबदेही और समन्वय पर विशेष निर्देश
उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी की मेहनत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए और हर निकाय में परिणाम दिखाई देना चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के सम्मान और बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया। अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और निकायों को सम्मान मिलेगा, जबकि लापरवाही या गलत कार्य करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी नियमों के अनुरूप सही कार्य कर रहा है तो विभाग हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहेगा।
नोडल अधिकारियों को दी मार्गदर्शक की भूमिका
बैठक में सचिव ने नवनियुक्त नोडल अधिकारियों को मार्गदर्शक की भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी नियमित रूप से नगरीय निकायों का निरीक्षण करेंगे, योजनाओं की समीक्षा करेंगे तथा समन्वय के साथ निकायों को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही निकाय स्तर पर भी अधिकारियों को वार्डवार जिम्मेदारी देने के निर्देश दिए गए, ताकि कार्यों की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। बैठक में सूडा के सीईओ शशांक पांडेय, नगरीय प्रशासन विभाग के उप सचिव भागवत जायसवाल समेत अन्य मौजूद रहे।
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