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कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश और जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती के नेतृत्व में “प्रोजेक्ट सेकंड इनिंग” के अंतर्गत प्राचार्यों की दो दिवसीय कार्यशाला भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी केन्द्री परिसर में आयोजित की गई। जिले के 220 प्राचार्यों के साथ सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी और बीआरसीसी मौजूद रहे। कार्यक्रम में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन अभनपुर के महेश मिश्रा ने फिल्म ‘शोले’ का उदाहरण देते हुए नेतृत्व और प्रबंधन के अंतर को समझाया और प्रभावी लीडरशिप के लिए टीम वर्क की अहमियत बताई। संस्थान के प्राचार्य आर.के. मिश्रा ने एसआईसीटी के तहत विद्यार्थियों से संवाद बढ़ाने और प्रेरणा के जरिए शैक्षणिक माहौल मजबूत करने पर जोर दिया। सूचना के अधिकार से जुड़े प्रावधानों की दी जानकारी सेवानिवृत्त उप संचालक आशुतोष चावरे ने “स्कूल के आईना” विषय पर 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए ब्लूप्रिंट आधारित रणनीति साझा की। वहीं डॉ. योगेश शिवहरे ने अकादमिक लीडरशिप, टीम बिल्डिंग, साझा लक्ष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में नीलम शर्मा ने विभागीय जांच और सूचना के अधिकार से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी। अरुण शर्मा ने जनगणना पोर्टल में प्रविष्टि की प्रक्रिया समझाई, जबकि अशोक नारायण बंजारा ने सिविल सेवा आचरण नियम 1965, अपील नियम 1966 और शिक्षा के अधिकार कानून पर चर्चा की। अंत में कार्यशाला के समापन की घोषणा धनेश्वरी साहू ने की।
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