रायगढ़ में प्रेमिका ने गला घोंटकर प्रेमी की हत्या की:दूसरे प्रेमी के साथ मिलकर घटना को दिया अंजाम, कोर्ट ने सुनाई अजीवन कारावास की सजा

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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में एक युवती ने अपने दूसरे प्रेमी के साथ मिलकर पहले प्रेमी की गला घोंटकर हत्या कर दी। साक्ष्य छिपाने के लिए उस मिट्टी तेल छिड़ककर आग लगा दी। घटना के बाद मामले की सूचना पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां प्रकरण में फैसला सुनाते हुए अपर सत्र न्यायालय ने आरोपी युवती को अजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घटना कापू थाना क्षेत्र का है। मामले का संक्षिप्त विवरण बताते हुए अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने बताया कि 2 मार्च 2021 को ग्राम भोजपुर के कोटवार नैहर दास ने थाना में सूचना दिया था कि यशोदा उर्फ दशोदा सारथी 35 साल का प्रेमी देवा उर्फ लखन सिदार निवासी महुआपाली खरसिया 1 मार्च 2021 की रात लगभग साढ़े 8 बजे भोजपुर बतौर मेहमान आया था। जो लगभग साढ़े 9 बजे अपने शरीर में मिट्टी का तेल छिड़ककर माचिस मारकर आत्महत्या कर लिया है। सूचना मिलते ही तत्कालीन विवेचना अधिकारी धनीराम राठौर ने मर्ग कायम कर प्रकरण विवेचना में शुरू किया। जहां जांच में यह पाया कि घटना के दिन मृतक देवा उर्फ लखन सिदार अपनी प्रेमिका यशोदा उर्फ दशोदा सारथी से मिलने आया था, लेकिन यशोदा सारथी का एक अन्य प्रेमी फरार आरोपी दुष्यंत यादव को यशोदा के पास देख कर उनके बीच विवाद हो गया।
गला घोंटकर युवक की हत्या की
तभी यशोदा और दुष्यंत ने मिलकर देवा उर्फ लखन सिदार का गला दबाकर हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए उसके शव को मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी और दूसरे दिन सुबह यशोदा ने खुद गांव के कोटवार नैहर दास को मृतक के द्वारा आत्महत्या कर लेने की सूचना दी थी।
हत्या का शव को जलाने की बात स्वीकार की
पुलिस ने यशोदा को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने सह आरोपी दुष्यंत यादव के साथ मिलकर मृतक देवा की हत्या कर उसके शव को जलाने की बात स्वीकार की। ऐसे में अन्य सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य को संकलित कर स्वतंत्र साक्षियों के बयान के आधार पर और परिस्थिति जन्य साक्ष्य के आधार पर यशोदा सारथी व फरार आरोपी दुष्यंत यादव के खिलाफ धारा 302, 201, भारतीय दण्ड संहिता के तहत न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया था।
आरोपी को अजीवन कारावास की सजा
जहां न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश घरघोड़ा अभिषेक शर्मा ने साक्ष्यों और गवाहों के बयान तथा दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यशोदा उर्फ दशोदा सारथी को देवा उर्फ लखन सिदार की हत्या का दोषी ठहराया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास और 1-1 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही मृतक के परिजनों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से 1 लाख रुपये की प्रतिकर राशि दिलाने की अनुशंसा भी की है।
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