भास्कर न्यूज | जांजगीर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने बुधवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली। बैठक में उन्होंने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों और जनशिकायतों के निपटारे में देरी पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत 1 मई से 10 जून तक जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन शिविरों में प्राप्त होने वाले आवेदनों को केवल फाइलों में न दबाया जाए, बल्कि उनका गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य जनता की समस्याओं को उनके द्वार पर ही खत्म करना है। कलेक्टर ने राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के लंबित प्रकरणों पर नाराजगी जताई। उन्होंने तहसीलदारों को निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर इन मामलों को निपटाएं ताकि आम जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। इसके अलावा, उन्होंने जनगणना 2027 की प्रारंभिक तैयारियों आदि की भी समीक्षा की। खाद-बीज की कमी न हो आगामी कृषि सीजन को देखते हुए कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को अलर्ट रहने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता में कोई समस्या नहीं आनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने पारंपरिक खेती के स्थान पर दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा के कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए गए। बिहान योजना के तहत महिलाओं चल रहे कार्यों की भी जानकारी ली।
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