- Hindi News
- Local
- Chhattisgarh
- Raipur
- The CM Said, “The Public Will Not Forgive Those Who Obstruct The Veneration Of Women Power. Now, In Chhattisgarh, Women Are Not Just Voters, They Are Also Destiny Makers.”
रायपुर1 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरूवार को लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने का शासकीय संकल्प लगभग 10 घंटे की चर्चा के बाद पारित हो गया। लेकिन आसंदी द्वारा संकल्प पारित किए जाने से पहले ही विपक्ष ने यह कहते हुए सदन का बहिष्कार कर दिया कि सरकार ने इसे अच्छी नीयत से नहीं लाया है। इस दौरान इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच तीखी बहस भी हुई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति के वंदन में बाधा डालने वालों को जनता माफ नहीं करेगी।
वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि सरकार ने नारी शक्ति के नाम पर इवेंट बनाने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक के क्रियान्वयन में हो रही देरी के लिए विपक्ष पूरी तरह से जिम्मेदार है। विपक्ष कभी भी महिलाओं को वास्तविक प्रतिनिधित्व नहीं देना चाहता था, इसीलिए वे परिसीमन और जनगणना जैसे मुद्दों को बहाना बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि परिसीमन से न केवल प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, बल्कि विकास की गति भी तेज होगी क्योंकि वर्तमान में निर्वाचन क्षेत्र बहुत बड़े हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि राज्य सरकार वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मना रही है। साय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं।
उन्होंने कहा विपक्ष चाहे तो अपनी गलती सुधार सकता है और इस संकल्प को सर्वसम्मति से पास कराने में अपना योगदान दें। साय ने कहा कि यदि समय पर परिसीमन होता, तो अधिक लोगों को प्रतिनिधित्व का अवसर मिलता और लोकतंत्र और अधिक सशक्त होता।
उन्होंने कहा कि आज लोकसभा और विधानसभा के क्षेत्र इतने बड़े हो गए हैं कि जनप्रतिनिधियों के लिए प्रत्येक गांव तक पहुंच पाना कठिन हो गया है। परिसीमन से न केवल प्रतिनिधित्व बढ़ता, बल्कि विकास की गति भी तेज होती।
सीएम के भाषण की खास बातें महतारी वंदन योजना से 69 लाख महिलाओं को अब तक 16 हजार करोड़ रुपये दिए। लखपति दीदी: राज्य में 8 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जिसे 10 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य है। राजनीतिक प्रतिनिधित्व छत्तीसगढ़ में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 57 प्रतिशत है, जो पूरे देश के लिए एक मिसाल है। स्वामित्व का अधिकार प्रधानमंत्री आवास योजना के 26 लाख घरों में महिलाओं को मालिकाना हक देकर उन्हें सामाजिक सुरक्षा दी गई है। भक्त माता कर्मा से लेकर तीजन बाई तक और रानी दुर्गावती से लेकर अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स तक, हर बेटी ने भारत का मस्तक ऊँचा किया है। पीएम आवास के तहत प्रदेश में 26 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं।
संकल्प पेश किया मुख्यमंत्री साय ने शासकीय संकल्प पेश करते हुए कहा कि नारी शक्ति के सम्मान, महिलाओं के समग्र विकास और सशक्तिकरण के लिए संसद एवं सभी विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण को परिसीमन प्रक्रिया पूर्ण करते हुए तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत का मौजूदा सीटों पर ही 33% आरक्षण लागू करने का अशासकीय संकल्प अग्राह्य हो गया।
कांग्रेस की नींव पर खड़ी है भाजपा: महंत
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि सदन की कार्यवाही का उपयोग केवल राजनीतिक इवेंट बनाने के लिए किया जा रहा है, जिससे प्रदेश की महिलाओं को कोई तात्कालिक लाभ नहीं मिलने वाला। महंत ने पूछा कि यहां संकल्प पारित होने से आखिर क्या हासिल होगा? जब यह पहले ही साफ है कि आरक्षण परिसीमन के बाद ही लागू होगा, तो इस सत्र का आयोजन केवल समय की बर्बादी है।
महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाने का काम कांग्रेस ने वर्षों पहले शुरू किया था। आज भाजपा जिस इमारत पर खड़ी होकर राजनीति कर रही है, उसकी नींव कांग्रेस ने ही डाली है। यदि उस नींव को खोदा जाएगा, तो उसमें कांग्रेस का ही नाम निकलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं को केवल दर्शक दीर्घा में बिठाकर खुश रखना चाहती है, जबकि कांग्रेस ने उन्हें वास्तविक शक्ति दी है।

<
