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जिला मुख्यालय से 31 किमी दूर ग्राम टिकरी में मजदूरों के लिए अच्छी पहल सामने आई है। इस पहल ने संवेदनशील जनसेवा की नई मिसाल पेश की है। यहां की महिला सरपंच ललिता रितेश देवांगन ने सम्मान की उड़ान, मिशन अनमोल मुस्कान के तहत अपने खर्च से गांव के 5 गरीब मजदूरों को हवाई जहाज से भुवनेश्वर फिर अन्य माध्यमों से ओडिशा स्थित भगवान जगन्नाथ पुरी के दर्शन के लिए भेजने का निर्णय लिया है। गुरुवार को ग्राम टिकरी से 5 मजदूरों को रवाना किया गया। शुक्रवार को सुबह रायपुर में हवाई जहाज से सफर कर भुवनेश्वर पहुंचेंगे। यह पहल न केवल अनोखी है बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों को सम्मान देने की सशक्त मिसाल भी है। गांव के जिन मजदूरों ने जीवनभर कठिन परिश्रम किया, लेकिन कभी हवाई यात्रा के बारे में सोचा भी नहीं था, उनके लिए यह अनुभव किसी सपने के सच होने जैसा है। मजदूर दिवस के अवसर पर उन्हें यह सम्मानजनक उपहार देकर सरपंच ने यह संदेश दिया है कि विकास केवल योजनाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें संवेदना और समानता भी झलकनी चाहिए। सरपंच ललिता देवांगन का मानना है कि गांव और देश के निर्माण में सबसे बड़ा योगदान मजदूर वर्ग का होता है, लेकिन अक्सर उन्हें वह सम्मान नहीं मिल पाता जिसके वे हकदार हैं। ऐसे में यह पहल उनके आत्मसम्मान को बढ़ाने और उन्हें जीवन का एक यादगार अनुभव देने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि जब मजदूर खुश रहेंगे, तभी समाज और देश मजबूत बनेगा। सरपंच ने खुद की मानदेय राशि से खर्च उठाया
इस पहल की सबसे खास बात यह है कि महिला सरपंच ने मजदूर राधेश्याम यादव, नेतराम यादव, शिवकुमार कुर्रे, मंगलूराम साहू, डिगेंद्र कुमार साहू के पूरी यात्रा का खर्च सरकारी फंड के बजाय अपने खुद की सरपंच मानदेय राशि से उठाया है। इसके अलावा उनकी बेटी आस्था और अदिति जो अब जॉब कर रही हैं उन्होंने भी अपनी सरपंच माता का सहयोग करते हुए अपने वेतन का पैसा लगाकर आर्थिक सहयोग किया। सरपंच ललिता देवांगन का कहना है कि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो छोटे स्तर से भी बड़े बदलाव की शुरुआत की जा सकती है।
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