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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में प्रतिबंध के बावजूद देर रात खेत में अवैध रूप से बोरवेल मशीन से खनन किया जा रहा था, जिसे पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने दो बोरवेल मशीन जब्त कर थाने ले आई। इस दौरान आरक्षकों ने पूछताछ की, तो मौके पर मौजूद व्यक्ति ने गाड़ी खड़ी करने की बात कहकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। इसके बाद एक व्यक्ति ने मोबाइल से वीडियो बनाते हुए आरक्षकों पर 1 लाख 50 हजार रुपए मांगने का आरोप लगाया और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस पर पुलिस का कहना है कि पुलिस को बदनाम करने के लिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। यह मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। देखिए पहले ये तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, सरकंडा थाने की पेट्रोलिंग टीम को सोमवार की देर रात जानकारी मिली कि ग्राम बिजौर के खेत में प्रतिबंध के बाद भी बोर खनन किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान दो बोरवेल मशीन से खनन किया जा रहा था। आरक्षकों ने पूछताछ शुरू की और बोर खनन की अनुमति मांगी। इस पर वहां मौजूद व्यक्ति ने गाड़ी खड़ी करने की बात कहकर पुलिस को गोलमोल जवाब देने लगा। खुद को बताया पत्रकार, पुलिस ने तहसीलदार को दी जानकारी गाड़ी थाने लाने के बाद धर्मेंद्र पात्रे खुद को पत्रकार बताने लगा। उसने कहा कि वह बिल्हा प्रेस क्लब का सदस्य है और पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने के लिए दबाव बनाने लगा। हालांकि, टीआई प्रदीप आर्या ने इसकी तत्काल सूचना तहसीलदार को दे दी। इसके बाद दोनों गाड़ियों को जब्त कर तहसीलदार और उनकी टीम ने बोर खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। गाड़ी पर तमिलनाडु का नंबर, मालिक नहीं आया सामने पकड़ी गई दोनों गाड़ियां बाहरी राज्यों की थी। एक गाड़ी पर तमिलनाडु का नंबर TN 34 AD 1717 और दूसरी पर बेंगलुरु का नंबर KA 01 MU 5590 दर्ज था। सेटअप और वाहनों के मालिकाना हक को लेकर अब तक पुलिस और राजस्व टीम को स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। फिलहाल बिल्हा निवासी धर्मेंद्र पात्रे नामक व्यक्ति ही सामने आया है। बताया जा रहा है कि बोरवेल, चेन माउंटेन और पोकलेन जैसे भारी वाहन दूसरे राज्यों से कम दरों पर खरीदकर या किराए पर लेकर शहर में लाए जा रहे हैं। टीआई बोले- पुलिस को बदनाम करने के लिए लगाए गए आरोप मामले में थाना प्रभारी प्रदीप आर्या ने बताया कि क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद बोर खनन की लगातार शिकायतें मिल रही थी, जिसके आधार पर पुलिस टीम ने दो गाड़ियां पकड़ी। गाड़ियों में बोरवेल से जुड़ी पूरी टीम मौजूद थी। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए आरोपियों ने ले-देकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश की, लेकिन आरक्षक कार्रवाई पर अड़े रहे। इसके बाद एक युवक ने वीडियो बनाते हुए आरक्षकों पर 1 लाख 50 हजार रुपए मांगने का आरोप लगाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया की पुलिस को बदनाम करने लिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस मामले में पूरी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है।
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