नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। जिले में आनलाइन सट्टे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बिलासपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खिलाड़ी बुक नामक आनलाइन पैनल के जरिए विभिन्न खेलों पर सट्टा खिलाने वाले तीन खाईवालों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 लाख 48 हजार रुपये नकद, पांच मोबाइल, 27 एटीएम कार्ड, एक कार और एक स्कूटी जब्त की है। मामले में एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। जब्त मशरूका की कुल कीमत करीब 22 लाख 63 हजार रुपये आंकी गई है।
सीएसपी निमितेष सिंह ने बताया कि जिले में जुआ और सट्टा संबंधी अपराधों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में रविवार को मुखबिर से सूचना मिली कि मंगला क्षेत्र स्थित एचडीएफसी बैंक के पास कुछ युवक मोबाइल फोन के माध्यम से खिलाड़ी बुक पैनल संचालित कर विभिन्न खेलों पर आनलाइन सट्टा खिला रहे हैं। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस ने टीम बनाकर मौके पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से संतोष जसवानी, करन श्रीवास और एक नाबालिग को पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी लंबे समय से आनलाइन सट्टे के कारोबार से जुड़े हुए थे और मोबाइल एप तथा पैनल के माध्यम से ग्राहकों से रकम लेकर सट्टा संचालित कर रहे थे।
आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन और विभिन्न बैंकों के 27 एटीएम कार्ड बरामद किए गए, जिनका उपयोग लेनदेन के लिए किया जा रहा था। जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि आरोपी संतोष जसवानी द्वारा सट्टे की रकम आशीष जसवानी के माध्यम से आगे पहुंचाई जा रही थी। इसके बाद पुलिस ने आशीष जसवानी को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि मामले में कुछ बड़े सटोरियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश लगातार की जा रही है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7(2) एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा 112 के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं फरार सटोरियों रोहित पंजवानी, सागर चेतवानी और राज चेतानी के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी कराया गया है।
पुलिस की टीमें उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन सट्टे के नेटवर्क पर लगातार नजर रखी जा रही है और ऐसे अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। शहर में बढ़ते ऑनलाइन सट्टे के कारोबार को लेकर पुलिस अब तकनीकी निगरानी भी बढ़ा रही है, ताकि बड़े नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
गिरफ्तार आरोपित
संतोष जसवानी, निवासी रोमन हाईट्स गंगानगर फेस-02 मंगला
करन श्रीवास, निवासी नयापारा सिरगिट्टी
आशीष जसवानी, निवासी बीआर हॉस्पिटल के पास
एक नाबालिग
ऐसे चल रहा था आनलाइन सट्टे का नेटवर्क
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपित खिलाड़ी बुक नामक ऑनलाइन पैनल के जरिए विभिन्न खेलों पर सट्टा संचालित कर रहे थे। आरोपित मोबाइल फोन और इंटरनेट के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क करते थे और उन्हें आनलाइन आइडी उपलब्ध कराकर दांव लगवाते थे। सट्टे में जीत-हार की रकम बैंक खातों, एटीएम कार्ड और डिजिटल माध्यम से ट्रांसफर की जाती थी। पुलिस को आरोपित के पास से 27 एटीएम कार्ड मिलने से यह आशंका भी जताई जा रही है कि कई बैंक खातों का उपयोग लेनदेन के लिए किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार से जुड़े हुए थे और शहर के अलावा दूसरे जिलों तक भी उनका नेटवर्क फैला हुआ था। पुलिस अब मोबाइल फोन और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की तकनीकी जांच कर आनलाइन सट्टे के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।
फरार सटोरियों की तलाश में पुलिस की लगातार दबिश
मामले में कुछ बड़े सटोरियों के नाम सामने आने के बाद बिलासपुर पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार रोहित पंजवानी, सागर चेतवानी और राज चेतानी नामक सटोरिये फिलहाल फरार हैं, जिनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी कराया गया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। बताया जा रहा है कि ये आरोपित आनलाइन सट्टे के बड़े नेटवर्क से जुड़े हुए हैं और लंबे समय से जिले में सक्रिय थे। पुलिस को आशंका है कि फरार आरोपित शहर से बाहर छिपे हो सकते हैं, इसलिए उनके संपर्कों और बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आनलाइन सट्टे के पूरे सिंडिकेट को तोड़ने के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
आनलाइन सट्टे पर पुलिस की सख्त नजर
पुलिस ने जिले में जुआ और आनलाइन सट्टे के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। अधिकारियों के निर्देशन में लगातार निगरानी रखी जा रही है और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आनलाइन सट्टा युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है, जिससे आर्थिक अपराध भी बढ़ रहे हैं। इसी कारण ऐसे मामलों में अब तकनीकी जांच और साइबर मनिटरिंग का सहारा लिया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि आनलाइन प्लेटफार्म और मोबाइल एप के जरिए सट्टा संचालन करने वाले गिरोह लगातार नए तरीके अपना रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने साफ किया है कि जिले में अवैध सट्टा कारोबार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसमें शामिल आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
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