न्यायधानी बिलासपुर के विशेष न्यायालय ने पारिवारिक और पैतृक जमीन विवाद में सगे भतीजे की नृशंस हत्या करने वाले कलयुगी चाचा को उम्रकैद की सजा से दंडित कि …और पढ़ें

HighLights
- विशेष न्यायाधीश लवकेश बघेल की दो टूक..
- रतनपुर के अमित भार्गव हत्याकांड में कोर्ट का फैसला
- कहा- यह आत्मरक्षा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। पारिवारिक विवाद और पैतृक जमीन के झगड़े में अपने ही सगे भतीजे की बेरहमी से हत्या करने वाले चाचा को विशेष न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश लवकेश प्रताप सिंह बघेल की अदालत ने ग्राम चोरहादेवरी, रतनपुर निवासी सनत सूर्यवंशी को धारा 302 और 342 के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व अर्थदंड से दंडित किया। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि यह मामला आत्मरक्षा का नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित और क्रूर हत्या का है।
अभियोजन के अनुसार 18 फरवरी 2024 को जमीन और मोटरसाइकिल विवाद को लेकर सनत सूर्यवंशी अपने भतीजे अमित भार्गव को लगातार गालियां दे रहा था। दोपहर करीब 1:30 बजे खेत से नहाकर लौटे अमित ने विरोध किया तो सनत उसे बात करने के बहाने घर के भीतर ले गया और कमरे की कुंडी बंद कर दी। इसके बाद उसने स्टील के भारी पाइप से अमित के सिर, कान और पीठ पर ताबड़तोड़ 10 वार किए। हमले में अमित गंभीर रूप से घायल हो गया। बाहर खड़ी पत्नी राजरागनी और मां उत्तरा बाई चीखें सुनकर दरवाजा पीटती रहीं, लेकिन आरोपी ने दरवाजा नहीं खोला।
एफएसएस रिपोर्ट, खून लगे कपड़े, स्टील पाई बना सजा का आधार
गंभीर हालत में अमित को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 26 फरवरी को रायपुर के डीकेएस अस्पताल में उसकी मौत हो गई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आत्मरक्षा का तर्क दिया, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने एफएसएल रिपोर्ट, खून से सने कपड़े और जब्त स्टील पाइप को मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्य मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया।
गैस सिलेंडर और कुल्हाड़ी से तोड़ा गया दरवाजा
घटना के बाद मौके पर पहुंची डायल-112 टीम ने ग्रामीणों की मदद से कमरे का दरवाजा तोड़ा। गवाहों ने दरवाजे के छेद से देखा था कि अमित लहूलुहान हालत में पड़ा था और आरोपी उसकी पीठ पर पैर रखकर बैठा था। खाली गैस सिलेंडर, कुल्हाड़ी और लोहे की रॉड की मदद से कुंडी तोड़कर पुलिस अंदर पहुंची और आरोपित को गिरफ्तार किया गया।
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