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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वनमंडल में बड़े पैमाने पर सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। पंडरीपानी बीट में 1000 से अधिक सागौन के पेड़ों को काटे जाने की बात सामने आई है। मामले के उजागर होते ही वन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। वन विभाग की टीम ने पंडरीपानी गांव में छापेमारी की, जहां कई घरों से भारी मात्रा में सागौन की लकड़ी बरामद हुई। जब्ती की मात्रा को देखते हुए यह मामला संगठित अवैध कटाई का प्रतीत हो रहा है। 3 ट्रक सागौन लट्ठे जब्त, अभियान जारी जांच के दौरान अब तक 3 ट्रक सागौन के लट्ठे जब्त कर वन विभाग के डिपो में भेजे गए हैं। इसके अलावा तालाबनुमा डबरी में छिपाकर रखे गए लकड़ी के बड़े जखीरे को भी बरामद किया गया है। क्षेत्र में सघन जांच और जब्ती अभियान लगातार जारी है। जानकारी के मुताबिक, इस इलाके में लंबे समय से सागौन की अवैध कटाई चल रही थी। शिकायतों के बाद भी कार्रवाई में देरी ग्रामीणों द्वारा कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें की गई थीं, लेकिन स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई। मामला तब गंभीर हुआ, जब यह मुद्दा प्रमुखता से सामने आया और उच्च अधिकारियों ने संज्ञान लिया। CCF का एक्शन: उड़नदस्ता दल तैनात बिलासपुर वन वृत्त के मुख्य वन संरक्षक मनोज कुमार पांडे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उड़नदस्ता दल को पंडरीपानी भेजा है। यह टीम कटे हुए पेड़ों के ठूंठों की गिनती कर पूरी जांच रिपोर्ट तैयार करेगी। CCF ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। DFO का बयान: FIR दर्ज, दोषियों पर होगी कार्रवाई मरवाही वन मंडल की DFO ग्रीष्मी चाँद ने बताया कि मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पहले भी सामने आ चुके हैं मामले उल्लेखनीय है कि इससे पहले पीपरखूंटी बीट में 122 पेड़ों की कटाई के मामले में दो लोगों को निलंबित किया गया था। लेकिन वर्तमान मामले में अब तक स्थानीय स्तर पर किसी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं। 102 हेक्टेयर प्लांटेशन में तबाही पंडरीपानी बीट के लगभग 102 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले सागौन प्लांटेशन के आसपास जिस तरह से बड़े पैमाने पर कटाई हुई है, उसने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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