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छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने कोंडागांव जिले के तेंदुपत्ता फड़ दहिकोंगा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं फड़ मुंशी की आईडी से तेंदुपत्ता संग्राहकों की ऑनलाइन एंट्री की, जिससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। मंत्री कश्यप ने तेंदुपत्ता की गुणवत्ता, संग्रहण प्रक्रिया और संग्राहकों को मिलने वाले ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने दो संग्राहकों की ऑनलाइन एंट्री प्रक्रिया को स्वयं पूरा किया और डिजिटल भुगतान प्रणाली को और अधिक पारदर्शी तथा सुगम बनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीण संग्राहकों से सीधा संवाद किया, उन्हें ‘तेंदुपत्ता तिहार’ की शुभकामनाएं दीं और उनके अनुभव भी सुने। मंत्री के इस कदम से यह संदेश गया कि सरकार न केवल योजनाएं बना रही है, बल्कि उनके जमीनी क्रियान्वयन को भी गंभीरता से परख रही है। यह निरीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब कभी नक्सलवाद से प्रभावित रहा बस्तर अब तेजी से बदलाव की राह पर है। जंगलों से ‘हरा सोना’ यानी तेंदुपत्ता निकालकर ग्रामीण अपनी आजीविका मजबूत कर रहे हैं, जो क्षेत्र को सामाजिक और आर्थिक रूप से नई दिशा दे रहा है। निरीक्षण के दौरान वन मंडलाधिकारी चूड़ामणि सिंह (आईएफएस), संयुक्त वन मंडलाधिकारी डॉ. आशीष कोटरिवार, परिक्षेत्र अधिकारी प्रतिक वर्मा सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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