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भाजयुमो मंडल अध्यक्षों की दो-दो सूची जारी होने के बाद संगठन में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि जिला अध्यक्ष और मंडल अध्यक्षों के बीच बातें तक बंद हो गई हैं। 13 में से 10 मंडल अध्यक्षों ने जिला अध्यक्ष के खिलाफ जाकर अपने-अपने मंडल में भाजयुमों मंडल अध्यक्ष और महामंत्री घोषित कर दिए हैं। अब यह पूरा मामला प्रदेश संगठन के पास पहुंच गया है। शुक्रवार को बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह ने भिलाई भाजपा के सभी पदाधिकारियों को रायपुर तलब किया है। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने भिलाई जिला के अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन, भाजयुमो के अध्यक्ष सौरभ जायसवाल, सभी मंडल के अध्यक्ष, महामंत्रियों के साथ जिले के प्रभारी को भी रायपुर बुलाया है। शाम को 6 बजे प्रदेश अध्यक्ष के साथ इन सभी पदाधिकारियों की बैठक होगी। इस बैठक में कुछ नतीजे निकलने की बात सामने आ रही है। रायपुर रवाना होने से पहले सीक्रेट मीटिंग
रायपुर में रवाना होने से पहले 10 मंडल के अध्यक्षों ने भिलाई-3 चरोदा में एक सीक्रेट मीटिंग की। इस मीटिंग की जानकारी किसी को भी नहीं थी। इस मीटिंग में जिला अध्यक्ष नहीं थे। सूत्रों का कहना है कि जिला अध्यक्ष ने मंडल अध्यक्षों को मनाने की कोशिश की, लेकिन मंडल अध्यक्ष भिलाई जिला अध्यक्ष से बिना मिले ही सीधे रायपुर के लिए रवाना हो गए। जानिए कहां से शुरू हुआ है यह पूरा विवाद
दरअसल 19 अप्रैल की रात भाजयुमो जिला अध्यक्ष सौरभ जायसवाल और भिलाई भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने 13 मंडलों के अध्यक्ष और महामंत्री की सूची जारी की थी। लेकिन इस सूची के सामने आते ही विरोध शुरू हो गया। मंडल अध्यक्षों का कहना है कि जिन नामों को उन्होंने पहले भेजा था, उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। आरोप यह भी लगाया गया कि सूची में मनमर्जी से अपने लोगों को शामिल किया गया है। विवाद यहीं नहीं रुका। 20 अप्रैल को 13 में से 10 मंडलों के अध्यक्षों ने इस सूची को मानने से इनकार कर दिया और अपनी अलग सूची जारी कर दी। इसके बाद संगठन के भीतर हालात और बिगड़ गए। अपराधिक छवि के युवाओं को दिया पद
मंडल अध्यक्षों ने यह भी आरोप लगाया है कि पहली सूची में शामिल कुछ लोगों की छवि ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि कई नाम ऐसे हैं जिन पर गंभीर आरोप हैं। इसको लेकर भी संगठन के अंदर नाराजगी बढ़ी है। दूसरी ओर, जिला प्रभारी रामजी भारती ने भी साफ कहा है कि उन्हें इस सूची की जानकारी पहले नहीं दी गई थी और न ही उनकी सहमति ली गई थी। उनका कहना है कि अगर मंडल स्तर से नाम लेकर आपसी चर्चा के बाद फैसला लिया जाता तो यह स्थिति नहीं बनती। इन मंडलों में जारी हुई थी दूसरी सूची
जिन मंडलों में अलग सूची जारी की गई है, उनमें भिलाई-चरौदा, कोहका, वैशाली नगर, सुपेला, कैंप, पूरब, पश्चिम, जामुल, खुर्सीपार और कुम्हारी शामिल हैं। इन सभी जगहों पर मंडल अध्यक्षों ने अपने स्तर पर नए नाम घोषित किए हैं और उन्हें ही सही बताया है। वहीं मुरमुंदा, जेवरा सिरसा और अहिवारा ऐसे मंडल हैं जहां अभी दूसरी सूची सामने नहीं आई है। कार्यालय में नहीं मिले थे जिला अध्यक्ष देवांगन
21 अप्रैल को दोपहर 12 बजे दूसरी सूची जारी करने वाले सभी 10 मंडल अध्यक्ष अपने-अपने पदाधिकारियों को लेकर भिलाई के बीजेपी कार्यालय पहुंचे। यहां वे जिला अध्यक्ष से मुलाकात करने आए थे। लेकिन जिला अध्यक्ष की सेहत खराब होने की वजह से वो नहीं मिले। मंडल अध्यक्षों ने महामंत्री मनीष अग्रवाल और सुषमा जेठानी को पूरी बात बताई और वहां से रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि इन सभी बातों से प्रदेश संगठन को अवगत करवाया गया था, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ने शुक्रवार को सभी को रायपुर तलब किया है।
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