बिलासपुर में 3 नशा तस्करों को 15-15 साल की कैद:विशेष न्यायालय ने 7 महीने में सुनाया फैसला, हर एक पर 1.50 लाख रुपए जुर्माना भी

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नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के मामले में बिलासपुर के एनडीपीएस विशेष न्यायालय ने दो पुरुषों और एक महिला को 15-15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने तीनों दोषियों पर 1.50-1.50 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। खास बात यह है कि मामले का ट्रायल महज 7 महीने में पूरा कर फैसला सुनाया गया। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने 9 सितंबर 2025 को कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से 114 नग ब्यूप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन बरामद किए थे। हर इंजेक्शन 2 एमएल का था। इस तरह कुल 228 एमएल नशीली दवा जब्त की गई थी। पुलिस ने मामले में निकेत वस्त्रकार (23), जयंत वस्त्रकार (22) दोनों निवासी घुटकू नयापारा, थाना कोनी और दुर्गा वर्मा (31), निवासी घुटकू गोदाम मोहल्ला, थाना कोनी को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से पल्सर बाइक CG10/BN2344 भी जब्त की गई थी। ज्वाली नाला के पास दबिश, फिर महिला आरोपी से बरामदगी पुलिस के मुताबिक, ज्वाली नाला के पास दबिश देकर पहले निकेत और जयंत से 62 नग ब्यूप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन बरामद किए गए थे। इसके बाद 9 सितंबर को दुर्गा वर्मा के कब्जे से 52 नग इंजेक्शन मिले। दोनों कार्रवाइयों में कुल 114 इंजेक्शन जब्त किए गए। साक्ष्यों के आधार पर पेश किया चालान कोतवाली पुलिस ने मामले में साक्ष्य जुटाकर विवेचना पूरी की और आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस विशेष न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया। पुलिस की जांच और न्यायालय में हुई सुनवाई के बाद तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया गया। नशे के कारोबार पर जीरो टॉलरेंस बिलासपुर पुलिस ने कहा कि नशीली दवाओं की बिक्री, परिवहन और सप्लाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस ऐसे मामलों में आरोपियों की संपत्ति और वित्तीय लेनदेन की भी जांच करेगी। अधिकारियों ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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