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Raipur NDRF SDRF Mock Drill


मॉकड्रिल में परसदा गांव में एक व्यक्ति के बाढ़ के पानी में फंसने की स्थिति बनाई गई।

बाढ़ और LPG टैंकर हादसे जैसी आपात स्थिति में बचाव कार्य कैसे किया जाए, इसे लेकर गुरुवार को मॉकड्रिल की गई। सेंध जलाशय, नवा रायपुर और शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के आसपास हुए इस अभ्यास में बाढ़ में फंसे लोगों और पशुओं को सुरक्ष

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इसके साथ ही LPG गैस लीक होने की स्थिति में राहत और बचाव का तरीका भी दिखाया गया। मॉकड्रिल में NDRF, SDRF, नगर सेना, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन समेत कई विभागों की टीमें शामिल हुईं।

मॉकड्रिल में परसदा गांव में एक व्यक्ति के बाढ़ के पानी में फंसने की स्थिति बनाई गई। सूचना मिलने पर बचाव टीम बोट और जरूरी सामान के साथ मौके पर पहुंची। व्यक्ति को पानी से बाहर निकालकर CPR और प्राथमिक उपचार दिया गया।

इसके बाद उसे एंबुलेंस से स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने का अभ्यास किया गया। इस दौरान सूचना मिलने से लेकर व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने तक की पूरी प्रक्रिया को तय तरीके से किया गया।

सरे चरण में स्टेडियम के पास LPG टैंकर के दुर्घटनाग्रस्त होने और गैस रिसाव की स्थिति बनाई गई।

सरे चरण में स्टेडियम के पास LPG टैंकर के दुर्घटनाग्रस्त होने और गैस रिसाव की स्थिति बनाई गई।

बच्चे को भी सुरक्षित निकाला

इसके बाद बाढ़ के पानी में पशुओं के फंसे होने की सूचना का अभ्यास किया गया। टीम ने रस्सियों की मदद से ऊंचे स्थान पर फंसी बकरियों को बाहर निकाला और बोट से सुरक्षित जगह पहुंचाया। पशु डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया।

इसी दौरान एक व्यक्ति और बच्चे के पानी में फंसे होने का भी अभ्यास किया गया। दोनों को सुरक्षित निकालकर प्राथमिक उपचार के बाद रेस्क्यू सेंटर भेजा गया।

NDRF, SDRF, नगर सेना, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन समेत कई विभागों की टीमें शामिल हुईं।

NDRF, SDRF, नगर सेना, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन समेत कई विभागों की टीमें शामिल हुईं।

टैंकर से LPG रिसाव, इलाके को किया सुरक्षित

दूसरे चरण में स्टेडियम के पास LPG टैंकर के दुर्घटनाग्रस्त होने और गैस रिसाव की स्थिति बनाई गई। सूचना मिलने के बाद NDRF, SDRF, नगर सेना और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंची। टीम ने आसपास के इलाके को सुरक्षित किया और गैस रिसाव को रोकने की कार्रवाई का अभ्यास किया। हादसे में घायल चालक को इलाज के लिए अस्पताल भेजने की प्रक्रिया भी दिखाई गई।

बोट से इलाके में तलाश, कोई फंसा तो नहीं

मॉकड्रिल के अंत में ADM उमा शंकर बंदे, अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर, आरंग SDM अभिलाषा पैकरा, रायपुर SDM नंदकुमार चौबे और अन्य अधिकारियों ने बोट से प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। टीम ने यह देखा कि कहीं कोई व्यक्ति बाढ़ के पानी में फंसा तो नहीं है। इस दौरान रेस्क्यू टीमों की कार्रवाई और अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल को भी देखा गया।

सूचना से राहत तक पूरी प्रक्रिया की जांच

मॉकड्रिल में बाढ़ और LPG हादसे जैसी स्थिति में सूचना मिलने के बाद टीमों के पहुंचने, लोगों को निकालने, प्राथमिक उपचार देने और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया परखी गई।

अभ्यास का मकसद यह देखना था कि आपदा के समय अलग-अलग विभाग कितनी जल्दी मौके पर पहुंचकर साथ मिलकर काम कर सकते हैं। अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों ने मौके पर पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया।



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