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बिलासपुर के हर-गांव में बनेगा 10 लोगों का हेल्थ-अलर्ट ग्रुप:स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही पर कलेक्टर सख्त,मलेरिया-टीबी नियंत्रण के लिए फील्ड में उतरने के निर्देश




बिलासपुर में स्वास्थ्य योजनाओं की जमीनी प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य समिति की कार्यकारिणी समिति की बैठक ली, जिसमें अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। गर्भवती महिलाओं के कम पंजीयन, कुष्ठ उन्मूलन अभियान की धीमी प्रगति और फील्ड स्तर पर कमजोर मॉनिटरिंग पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। तखतपुर विकासखंड में गर्भवती महिलाओं के कम पंजीयन पर संबंधित बीएमओ को नोटिस जारी करने तथा कुष्ठ उन्मूलन अभियान में शिथिलता बरतने पर चारों विकासखंडों के बीएमओ को नोटिस देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि, फील्ड में प्रभावी कार्य किए बिना स्वास्थ्य योजनाओं के लक्ष्य पूरे नहीं किए जा सकते। उन्होंने गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक गांव का नामवार डाटा तैयार करने और एक भी पात्र महिला छूटने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी प्रसव संस्थागत कराने और बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। गांव-गांव में हेल्थ अलर्ट ग्रुप बनाने दिए निर्देश बारिश के मौसम को देखते हुए मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने हर गांव में सरपंच, पंच, शिक्षक, मितानिन और जागरूक नागरिकों को शामिल कर कम से कम 10 सदस्यीय हेल्थ अलर्ट ग्रुप बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीमारी की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल गांव पहुंचकर इलाज शुरू करे। मलेरिया पर नियंत्रण के लिए अफसरों को फील्ड पर उतरने दिए निर्देश मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में रैपिड टेस्ट बढ़ाने, मोबाइल मेडिकल यूनिट की नियमित विजिट, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों के तत्काल इलाज के निर्देश भी दिए। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा में सभी ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने के लिए अधिक से अधिक निक्षय मित्र जोड़ने और स्वास्थ्य विभाग की सभी योजनाओं की ऑनलाइन एंट्री समय पर करने के निर्देश दिए। इस बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण, देर से पहुंचे डॉक्टरों को लगाई फटकार कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शुक्रवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकीय व्यवस्थाओं और मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं का करीब डेढ़ घंटे तक जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सुबह सवा दस बजे तक तीन-चार चिकित्सक अनुपस्थित मिले। जिस पर कलेक्टर ने उन्हें फोन लगाकर जवाब तलब किया और भविष्य में समय पर अस्पताल पहुंचने की कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी अस्पतालों में संसाधनों की कोई कमी नहीं है, जरूरत इनका बेहतर उपयोग कर मरीजों का विश्वास जीतने और संवेदनशीलता के साथ उपचार देने की है। बेहतर उपचार के साथ करें सम्मानजनक व्यवहार कलेक्टर ने ओपीडी, विभिन्न वार्डों, डायलिसिस यूनिट, धनवंतरी मेडिकल स्टोर, नशा मुक्ति केंद्र, जिला पुनर्वास केंद्र, अस्पताल किचन और निर्माणाधीन मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार, सम्मानजनक व्यवहार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। कम मरीज आने पर जताई चिंता निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जिला अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों के बावजूद अपेक्षाकृत कम मरीज पहुंचने पर चिंता जताई। विशेष रूप से नेत्र और दंत रोग विभाग में प्रतिदिन केवल 30 से 35 मरीज आने की जानकारी मिलने पर उन्होंने दोनों विभागों को स्कूलों और महाविद्यालयों में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों तक सेवाएं पहुंचाने के निर्देश दिए। इन मामलों में दिखी लापरवाही



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