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बिर्रा-हसौद रोड पर दो दिन में दो हादसे, 5 किमी तक धूल का गुबार, भारी वाहनों के दबाव से सड़क हुई जर्जर




भास्कर न्यूज | जांजगीर बारिश का सीजन खत्म होने की ओर है, लेकिन सड़कों की मरम्मत अब तक शुरू नहीं हुई है। बिलासपुर-चंद्रपुर मुख्य मार्ग को जोड़ने वाले बिर्रा-हसौद मार्ग की हालत बेहद खराब हो गई है। सक्ती और जांजगीर जिले को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर सालभर पहले ही डामरीकरण कराया गया था, लेकिन डामर की परत सालभर भी नहीं टिक सकी। जगह-जगह सड़क उखड़ गई है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। जर्जर सड़क पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ने से हादसों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। सड़क की बदहाली का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 6 और 7 सितंबर को लगातार दो दिन दो सड़क हादसे हुए। 6 सितंबर की सुबह मल्दा और कैथा के बीच गड्ढे से बचने के प्रयास में एक वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसे में धमनी निवासी वाहन चालक रतन खूंटे और उसके भाई को गंभीर चोटें आई। वहीं 7 सितंबर को गड्ढे से बचने के चक्कर में एक कार ने बाइक सवार पति-पत्नी को टक्कर मार दी। हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि उसका पति भी घायल हुआ। आसपास के लोगों ने दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। करीब 5 किलोमीटर का हिस्सा ऐसा है, जहां दिनभर धूल के गुबार उड़ते रहते हैं। वाहनों के गुजरते ही सड़क पर धूल का गुबार उठ जाता है। इससे सामने से आ रहे वाहन दिखाई नहीं देते और वाहन चालकों को परेशानी होती है। बाइक सवारों के लिए स्थिति और ज्यादा मुश्किल है। धूल के कारण उन्हें सांस लेने में भी परेशानी होती है। ग्राम पंचायत मल्दा के पास मुख्य मार्ग की हालत सबसे ज्यादा खराब नजर आती है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और उखड़ा हुआ डामर राहगीरों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। बायपास का उपयोग ज्यादा बिर्रा-हसौद मार्ग पर इन दिनों भारी वाहनों की आवाजाही भी काफी बढ़ गई है। भारी वाहन चालक टोल प्लाजा, रोड टैक्स, ओवरलोडिंग जांच और फिटनेस से संबंधित कार्रवाई से बचने के लिए इस वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं। क्षमता से अधिक वजन वाले वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क तेजी से खराब हो रही है। गहरे गड्ढों और भारी ट्रैफिक के बीच वाहन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ^पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर आशुतोष पटेल ने बताया कि अभी बरसात का समय चल रहा है, इसलिए डामरीकरण का काम नहीं कराया जा सकता। बारिश खत्म होने के बाद सड़क के डामरीकरण का काम शुरू किया जाएगा। डीएमएम वाले कार्यों के लिए फिलहाल पर्याप्त एजेंसी उपलब्ध नहीं है। बारिश खत्म होते ही आवश्यक कार्य कराए जाएंगे। 5 किमी तक धूल ही धूल, बिर्रा से हसौद के बीच सांस लेना मुश्किल इन गांवों के लोगों को हो रही परेशानी… सड़क खराब होने से बिर्रा, घीवरा, मल्दा, कैथा, हसौद, धमनी, भेड़ीकोना, अमलीडीह, छपोरा और घोघरी समेत आसपास के गांवों के लोगों को परेशानी हो रही है। इस मार्ग से डभरा, चंद्रपुर और शिवरीनारायण आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों को स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और जिला मुख्यालय सक्ती तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। लंबे समय से ग्रामीण सड़क की मरम्मत की मांग कर रहे हैं।



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