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बलौदा बाजार जिले में पेट्रोल और डीजल की सीमित आपूर्ति के चलते पेट्रोल पंपों पर ईंधन बिक्री पर रोक जैसी स्थिति बन गई है। हालात ऐसे हैं कि बाइक चालकों को अधिकतम 150 रुपए और कार चालकों को 500 रुपए तक का ही पेट्रोल दिया जा रहा है। वहीं, ट्रैक्टर और बड़े वाहनों के लिए डीजल की सीमा 1000 से 2000 रुपए तय की गई है। पंप संचालकों ने डिब्बों या अन्य पात्रों में ईंधन देने पर भी रोक लगा दी है। खेती-किसानी पर असर का डर डीजल की सीमित उपलब्धता से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों की जुताई और बुवाई का काम शुरू होने के बीच पर्याप्त डीजल नहीं मिलने से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। किसान रघुनंदन लाल वर्मा ने बताया कि ट्रैक्टरों के लिए पर्याप्त डीजल नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर यही स्थिति रही तो फसल उत्पादन पर असर पड़ सकता है। डिपो से सप्लाई में देरी पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि डिपो से टैंकरों की सप्लाई समय पर नहीं मिल रही है। स्थानीय पंप संचालक सचिन अग्रवाल ने बताया कि टैंकर मिलने में दो से तीन दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पंप पूरी तरह खाली न हो जाएं और ज्यादा दिनों तक संचालन जारी रह सके, इसलिए ईंधन की सीमा तय की गई है। कालाबाजारी रोकने के लिए फैसला हीरा लाल पेट्रोल पंप के संचालक गोपी साहू ने बताया कि सीमित बिक्री का फैसला कालाबाजारी रोकने और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक ईंधन पहुंचाने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल अस्थायी व्यवस्था है, ताकि आपूर्ति सामान्य होने तक स्थिति संभाली जा सके। कलेक्टर बोले- जिले में पर्याप्त आपूर्ति इस बीच, जिला कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने पेट्रोल-डीजल संकट की बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि जिले में एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त आपूर्ति की जा रही है। कलेक्टर ने खाद्य विभाग, एलपीजी वितरकों और तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा भी की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी एजेंसियां उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में ईंधन और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करें।
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