![]()
दुर्ग जिले में पेट्रोल-डीजल की किल्लत बनी हुई है। कई पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, हालांकि कुछ स्थानों पर स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। प्रशासन का कहना है कि ईंधन की कमी की अफवाह फैलने के बाद अचानक मांग बढ़ने से यह स्थिति बनी। पटेल चौक स्थित पेट्रोल पंप पर स्थिति सामान्य बताई जा रही है और लोगों को आसानी से ईंधन मिल रहा है। वहीं, जिला न्यायालय के सामने स्थित पेट्रोल पंप पर भी कुछ इंतजार के बाद सप्लाई जारी है। कहीं सामान्य, कहीं ‘पेट्रोल खत्म’ का बोर्ड हालांकि, दुर्ग जेल के पास स्थित पेट्रोल पंप पर ‘पेट्रोल खत्म’ का बोर्ड लगा मिला, जिसके कारण कई वाहन चालक ईंधन की तलाश में भटकते नजर आए। अफवाह के बाद दोगुनी हुई बिक्री दुर्ग जिला खाद्य नियंत्रक अनुराग सिंह भदोरिया ने बताया कि एक-दो दिन पहले पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह फैलने के बाद बड़ी संख्या में लोग पंपों पर पहुंचने लगे। उन्होंने कहा कि सामान्य दिनों की तुलना में ईंधन की बिक्री दो से ढाई गुना तक बढ़ गई। ऑयल कंपनियों से लगातार संपर्क कर सप्लाई सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। सामान्य से दोगुनी पहुंची खपत आंकड़ों के अनुसार, जिले में प्रतिदिन पेट्रोल की औसत खपत करीब 300 किलोलीटर (KL) और डीजल की 425 KL रहती है। लेकिन बीते दिन पेट्रोल की बिक्री बढ़कर 600 से 625 KL तक पहुंच गई, जबकि डीजल की बिक्री करीब 800 KL दर्ज की गई। यह सामान्य खपत से लगभग दोगुनी है। 189 पेट्रोल पंपों में बढ़ाई जा रही सप्लाई दुर्ग जिले में कुल 189 पेट्रोल पंप संचालित हैं। कई स्थानों से पंप सूखने की सूचना मिलने के बाद ऑयल कंपनियों के माध्यम से तेजी से आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। खाद्य नियंत्रक ने कहा कि जिले में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और अगले दो-तीन दिनों में स्थिति पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है।
<