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बलौदा बाजार जिला प्रशासन ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादन में वृद्धि के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में, जिले में ‘नैनो डीएपी’ और ‘नैनो यूरिया’ के वैज्ञानिक उपयोग, लाभ और उनसे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए नुक्कड़ नाटकों का सहारा लिया जा रहा है। यह अभियान जिले की 50 चयनित सहकारी समितियों में चलाया जा रहा है। इनमें लवन, तिल्दा, अहिल्दा, सरखोर, बम्हनपुरी, रिसदा, खम्हरिया, सेमराडीह, रसेड़ा, डमरू, कसडोल, छरछेद, कटगी, सेल, अमोदी, हंसुवा, टुंड्रा, सोनाखान, गिरौद, चिखली, कुम्हारी, खपराडीह, सुहेला, सकलोर, भटभेरा, रावन, बिटकुली, जांगड़ा, दावनबोड़, हथबंद, अर्जुनी, गोढ़ी, मिरगी, खोखली, तरेंगा-भाटापारा, केसला, खैरा, मोपका, लेवई, निपनिया, गिर्रा, कोदवा, जर्वे, ओडान, वटगन, कोसमंदी, अमेरा, कोनारी, लच्छनपुर और रोहांसी जैसी समितियां शामिल हैं। नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से किसानों को नैनो उर्वरकों की उपयोगिता सरल और रोचक ढंग से समझाई जा रही है। नाटकों के उपरांत कृषि विशेषज्ञ और विभागीय अधिकारी किसानों को तकनीकी जानकारी प्रदान करते हैं और उनके प्रश्नों का समाधान करते हैं। इसके अतिरिक्त, डिजिटल वॉल पेंटिंग, पोस्टर और पैम्फलेट के जरिए भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इस अभियान का किसानों पर सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है। ग्राम ओडान के किसान भोजराम वर्मा ने बताया कि उन्हें पहले नैनो यूरिया के बारे में जानकारी नहीं थी, लेकिन इस कार्यक्रम ने उनके भ्रम दूर किए हैं। अब वे पारंपरिक यूरिया के स्थान पर नैनो यूरिया का उपयोग करने को तैयार हैं। ग्राम वटगन के सुभाष वर्मा ने कलेक्टर की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होने चाहिए, ताकि किसान नई तकनीकों से परिचित हो सकें। जिला प्रशासन का मुख्य लक्ष्य नैनो उर्वरकों को लेकर किसानों के मन में व्याप्त डर और अफवाहों को समाप्त करना है। “जागरूक होगा किसान – उन्नत होगी खेती” के संकल्प के साथ यह पहल जारी है, जिससे किसान वैज्ञानिक खेती अपनाकर अधिकतम उत्पादन प्राप्त कर सकें और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
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