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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को जशपुरनगर के विकासखंड बगीचा अंतर्गत ग्राम पंचायत करमा के डोंडराही में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण किया। यह अनावरण भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर किया गया। मुख्यमंत्री ने इस स्थल को “बिरसा मुंडा चौक” के नाम से जानने की घोषणा भी की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष, सामाजिक जागरण और बलिदान का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने बताया कि बिरसा मुंडा ने मात्र 25 वर्ष की आयु में अंग्रेजी शासन, शोषण, धर्मांतरण और आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उनका त्याग और संघर्ष भारतीय इतिहास में सदैव अमर रहेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कुल 37 लाख रुपए की विभिन्न घोषणाएं कीं। इनमें बैगाटोली कर्मा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपए, कुदमुरा नांदो टोली में रंगमंच निर्माण के लिए 8 लाख रुपए, कुदमुरा पतराटोली (डिबा टोली) में सांस्कृतिक मंच निर्माण के लिए 7 लाख रुपए और केशव घर के समीप स्थित हनुमान मंदिर परिसर में मंच निर्माण के लिए 7 लाख रुपए शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। वर्ष 2021 से पूरे देश में इसे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने जशपुर को जनजातीय संस्कृति, परंपरा और गौरव का एक महत्वपूर्ण केंद्र बताया और अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचना पूरे जनजातीय समाज के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समुदाय के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। इसके लिए पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों को लाभ दिया जा रहा है और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के जरिए जनजातीय बहुल गांवों का विकास किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के 6,661 गांव इस योजना में शामिल हैं, जहां सड़क, पानी, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को तेजी से बेहतर किया जा रहा है।
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