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बलरामपुर नगर पालिका परिषद में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) प्रणव राय का तबादला कर दिया गया है। यह कार्रवाई कथित वायरल ऑडियो क्लिप को लेकर हुए विवाद के बाद की गई है, जिसमें उन पर जनप्रतिनिधियों के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप है। जनप्रतिनिधियों की लगातार मांगों के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है। विवाद एक कथित ऑडियो क्लिप से जुड़ा है, जिसमें सीएमओ प्रणव राय द्वारा जनप्रतिनिधियों के लिए ‘कुत्ता’ शब्द का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद पार्षदों में भारी नाराजगी देखी गई। अभद्रता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं:जनप्रतिनिधि इस मामले ने जल्द ही राजनीतिक तूल पकड़ लिया। पार्षदों ने सीएमओ के व्यवहार की कड़ी निंदा की और इसे निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का अपमान बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी अभद्रता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनप्रतिनिधियों ने सीएमओ लगाए आरोप पार्षद अमित गुप्ता मंटू ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी पर पहले से ही भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप थे। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं, पार्षद गौतम सिंह ने भी अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकरण के बाद “नगरपालिका बलरामपुर के पावन कार्यालय को गंगाजल से शुद्ध करने का समय आ गया है।” उन्होंने इस मुद्दे पर समर्थन देने वाले सभी लोगों का आभार भी व्यक्त किया। नगर पालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी ने भी अधिकारी के व्यवहार को अस्वीकार्य बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। बढ़ते दबाव के बीच, प्रशासन ने अंततः सीएमओ प्रणव राय का स्थानांतरण कर दिया, जिससे जनप्रतिनिधियों और कुछ नागरिकों में संतोष देखने को मिला। सच्चाई वायरल ऑडियो की जांच पर निर्भर हालांकि, पूरे मामले की सच्चाई अभी भी वायरल ऑडियो की जांच पर निर्भर करती है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोप कितने सही हैं।
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